Publish Date: Sun, 25 Oct 2015 (22:08 IST)
Updated Date: Sun, 25 Oct 2015 (22:12 IST)
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तानाशाह होने का आरोप लगाते हुए प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर कटाक्ष करते कहा कि शाह और तानाशाह की जोड़ी को इन चुनावों में बिहार की जनता ने ‘लोकतांत्रिक’ शक्तियों की ताकत का अहसास करा दिया है। हार सामने देख ये विचलित हैं।
नीतीश ने ट्वीट के जरिए मोदी पर ‘तानाशाह’ होने का आरोप लगाते हुए प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर कटाक्ष करते कहा, 'शाह और तानाशाह की जोडी को इन चुनावों में बिहार की जनता ने ‘लोकतांत्रिक’ शक्तियों की ताकत का अहसास करा दिया है। हार सामने देख ये विचलित हैं।'
इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को उनके गृह क्षेत्र में ललकारा और उनके तांत्रिक विवाद की पृष्ठभूमि में उन्हें पीछे ले जाने की सोच वाले ऐसा नेता बताया जिनकी मानसिकता 18वीं सदी की है।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मोदी की आज आयोजित रैलियों के पूर्व ट्वीट के जरिए नीतीश ने उन पर एक रणनीति के तहत चुप्पी को अपना नया हथियार बनाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यह अपने भाषणों में हमेशा नाटकीय ढंग से निराधार तथ्यों को पेश करने के शानी रहे मोदी जी के स्वभाव के एकदम भिन्न है।
मोदी की वाकपटुता और बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आयोजित रैलियों के दौरान दिए जाने वाले भाषणों पर कटाक्ष करते हुए नीतीश ने कहा है कि ‘कथा जारी है, इसलिए हम अपने को बिहार में पुराने प्रदर्शन को जारी रखने के लिए तैयार करें।’
नीतीश ने मोदी से उनके कालाधन को वापस लाने, किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने, युवाओं को रोजगार और इस प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने में विफल रहने पर प्रश्न पूछते हुए अपने वादों के बारे में एक भी शब्द नहीं बोलने का आरोप लगाया और कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव के समय किए गए अपने सभी वादों को उन्होंने बडी आसानी से भुला दिया।
नीतीश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हरियाणा में दो दलितों की हत्या और उत्तर प्रदेश की दादरी घटना और दाल की आसमान छूती कीमतों पर चुप्पी साधे रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि किसी विषय पर बोलने और ट्वीट करने का अवसर नहीं गंवाने वाले (मोदी) ने अभी तक इन मुद्दों पर कुछ भी नहीं कहा।
बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू-राजद-कांग्रेस महागठबंधन को मात देने और भाजपा नीत राजग के पक्ष में प्रचार करने लिए मोदी के ताबड़तोड़ चुनावी दौरे पर कटाक्ष करते हुए नीतीश ने कहा ‘चुनाव प्रचार के लिए ही सही, परन्तु मोदी जी ने हमारे ‘कुछ दिन तो गुजारिये बिहार में’ अनुरोध को माना तो।’
उन्होंने तंज किया ‘बिहार की जनता के पास असली मोदी जी को फिर से देखने, जानने और समझने का यह सुनहरा अवसर है क्योंकि चुनाव के बाद उनके दर्शन वैसे भी दुर्लभ होंगे।’ (भाषा)