Publish Date: Sat, 02 Aug 2014 (15:23 IST)
Updated Date: Thu, 02 Nov 2017 (16:54 IST)
लड़के की दुखी मां और बच्चों की चैरिटी संस्थाएं मानती हैं कि अगर करेन आकलैंड एक महिला की बजाय एक पुरुष होती तो निश्चित तौर पर जेल में होती। इस 44 वर्षीय महिला ने एक 14 वर्षीय लड़के के साथ सेक्स किया था।
इस बात से नाराज होकर एक महिला ने कोर्ट को भी खरी खोटी सुनाई कि उसने उसकी पूर्व मित्र को बिना कोई सजा दिए ही छोड़ दिया। आकलैंड ने यौन गतिविधियों के तीन आरोपों को स्वीकार किया। उसे नौ महीने की सजा दी गई लेकिन इसे एक साल के लिए स्थगित रखा गया है।
किशोर की मां का कहना है कि इससे कोई अंतर नहीं पड़ना चाहिए कि अपराधी महिला है या पुरुष। अगर वह कोई पुरुष होती तो मैं सोचती हूं कि उसे जेल की सजा मिल गई होती। यह उसी तरह का एक यौन अपराध है।
...और वह लड़के के कमरे में घुस गई... पढ़ें अगले पेज पर...
दो किशोर बच्चों की तलाकशुदा मां और शेल्फ स्टेकर अप्रैल 2013 में एक कार्यक्रम में शामिल हुई थी जिसमें लड़कों की फुटबॉल संबंधी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया जाना था। मामले के सरकारी वकील एंड्रू एस्पली का कहना था कि किशोर की मां ने आकलैंड को अपने घर में सोने के लिए बुलाया था, लेकिन उसने लड़के को अपनी ओर आकर्षित करने की चेष्टा की और बाद में उसके कमरे में चोरी छिपे घुस गई।
कमरे में घुसने के बाद उसने लड़के के साथ सेक्स किया और अशालीन आचरण किया। उसने लड़के को एक सेक्स ऑब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल किया। उसकी इन हरकतों की तब जानकारी हो गई जबकि लड़के के बड़े भाई ने करेन की आवाजों को सुना।
डील, केंट की निवासी आकलैंड को यह भी कहते सुना गया कि मैं विश्वास नहीं कर पा रही हूं कि यह मैं 15 वर्षीय लड़के के साथ कर रही थी, लेकिन कैंटरबरी क्राउन कोर्ट को बताया गया कि लड़के की उम्र 14 वर्ष की थी।
हां, वह मेरे सामने नंगी हो गई और... पढ़ें अगले पेज पर....
पीडि़त की मां का कहना है कि जब वह बहुत अधिक ड्रिंक्स ले लेती है तो वह सारी शर्म हया खो देती है। लेकिन मैं उससे इस बात की उम्मीद नहीं करती थी। बताया जाता है कि लड़के ने अपने दोस्त से कहा कि वह मेरे सामने नंगी हो गई। हां, हमने सेक्स किया।
आकलैंड के वकील डॉमिनी वेबर का कहना था कि आकलैंड मानती है कि यह बहुत ही गैर जिम्मेदारी भरा काम था। सजा सुनाने के साथ-साथ न्यायाधीश साइमन जेम्स ने कहा कि उसे एक घोषित बाल अपराधी माना जाए और उसका नाम ऐसे लोगों के रजिस्टर में दर्ज किया जाए।