Publish Date: Wed, 17 Feb 2010 (17:39 IST)
Updated Date: Wed, 17 Feb 2010 (17:31 IST)
युवा भाजपा नेता वरुण गाँधी को बुधवार को अधिवेशनस्थल पर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
वरुण को उनकी आवास व्यवस्था के बारे में बताने वाला कोई नहीं था। जैसे-तैसे उन्होंने इस संबंध में तो पता लगा लिया पर उन्हें आवासस्थल तक जाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। कार्यकर्ता गाड़ी के लिए आवाज देते रहे लेकिन कोई भी गाड़ी उन्हें लेने नहीं आई।
थोड़ी देर बाद स्वागतस्थल के पास ही लालकृष्ण आडवाणी, भाजपाध्यक्ष नितिन गडकरी, लोकसभा की नेताप्रतिपक्ष सुषमा स्वराज के हाथों दीपप्रज्वलन कार्यक्रम हुआ। वहाँ पर भी वरुण की अनदेखी की गई।
कार्यकर्ता, पदाधिकारी उनसे हाथ मिलाने के लिए, उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब दिखे लेकिन प्रमुख नेताओं ने उनकी सुध तक नहीं ली।
दीपप्रज्वलन कार्यक्रम हो जाने के बाद इन नेताओं को ले जाने के लिए गाड़ियाँ आई लेकिन उनमें भी वरुण के लिए जगह न थी। इसका एहसास वहाँ उपस्थित तृतीय दर्जे के नेताओं को हुआ और बड़ी मुश्किल से उनके लिए गाड़ी का इंतजाम हुआ।
लोकसभा चुनाव में वरुण ने हिंदूत्व का राग आलापा था लेकिन बाद में उन्हीं के सिर पर पराजय का ठीकरा फोड़ दिया गया था। शायद उसके बाद वरुण को भाजपा नेताओं ने तवज्जो देना छोड़ दिया है। (वेबदुनिया)