Publish Date: Fri, 31 Oct 2014 (17:57 IST)
Updated Date: Tue, 11 Nov 2014 (17:27 IST)
एक नवम्बर को ऐश्वर्या राय 41 वर्ष की हो रही हैं। उनके सच्चे फैंस को उम्र से कोई मतलब नहीं है। वे आज भी ऐश्वर्या को उतना ही पसंद करते हैं। दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा को पसंद करने वाली युवा पीढ़ी ऐश्वर्या को जानती जरूर है, लेकिन ऐश्वर्या के प्रति उनकी दीवानगी शायद वैसी न हो।
उम्र के एक खास दौर में प्रशंसकों की संख्या लगातार बढ़ती जाती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ जब खूबसूरती का जादू फीका होने लगता है तो नए प्रशंसक जुड़ना बंद हो जाते हैं। हीरोइन का करियर हीरो के मुकाबले बहुत छोटा रहता है। वैसे भी पिछले कुछ वर्षों से ऐश्वर्या की कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई है इसलिए दर्शक उनकी झलक सिल्वर स्क्रीन पर नहीं देख पाए हैं। हालांकि बच्चन परिवार की बहू होने के नाते वे लाइमलाइट में जरूर बनी रहीं, लेकिन मां बनने के बाद वे पार्टियों में कम ही नजर आईं।
मां बनने के बाद ऐश्वर्या का वजन बढ़ गया था और ऐसे समय उन्होंने सार्वजनिक जीवन से यथासंभव दूरी बना ली थी। वे नहीं चाहती होंगी कि ऐश्वर्या का नाम आते ही उनके फैंस के दिमाग में खूबसूरत महिला की तस्वीर ही आए। यदि वे बढ़े हुए वजन वाली ऐश्वर्या राय देख लेंगे तो इससे सुंदर स्त्री वाली छवि खंडित हो सकती थी।
खूबसूरत लोग वैसे भी अपने लुक्स को लेकर बेहद चिंतित रहते हैं। देवआनंद कभी नहीं चाहते थे कि उनके फैंस उन्हें बीमार देखें, लिहाजा वे अंतिम समय में इंग्लैंड चले गए और वहीं उनका दाह संस्कार भी हुआ। सुचित्रा सेन ने भी शायद इसी वजह से अपने को घर में कैद कर लिया और दर्शकों के जेहन में वे हमेशा जवान बनी रही। दूसरी ओर रजनीकांत जैसे उदाहरण भी हैं जो सार्वजनिक जीवन में जैसे हैं वैसे सामने आते हैं जबकि फिल्मों में जवान हुलिये में दिखाई देते हैं, इसके बावजूद उनके फैंस चाहते हैं।
ऐश्वर्या अभिनय की दुनिया में वापसी कर रही हैं। फोर्टी प्लस हीरोइन के लिए बॉलीवुड में वैसे भी कम संभावनाएं रहती हैं, लेकिन टॉप की एक्ट्रेस को लेकर फिल्मकार रिस्क ले लेते हैं। ऐश्वर्या ने वापसी के लिए संजय गुप्ता की फिल्म चुनी है। संजय गुप्ता मौलिक फिल्मकार नहीं है और विदेशी फिल्मों से आइडिया उधार लेते हैं। अभी तक उन्होंने नायक प्रधान फिल्में ही बनाई हैं और उनकी फिल्म में नायिकाओं के चरित्र सिर्फ खानापूर्ति के लिए होते हैं। अब वे ऐश्वर्या को लेकर 'जज्बा' बना रहे हैं। वापसी के लिए ऐश्वर्या ने संजय पर भरोसा कर सही किया है या नहीं इसके लिए 'जज्बा' के रिलीज होने का इंतजार करना होगा।
ऐश्वर्या भी जानती हैं कि पहले जैसी सफलता और लोकप्रियता उन्हें नहीं मिलने वाली हैं। माधुरी दीक्षित लोकप्रियता के मामले में ऐश्वर्या से कहीं आगे थी, लेकिन दो बार वापसी करने के बावजूद उन्हें असफलता हाथ लगी। दूसरी ओर श्रीदेवी की फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' बहुत सफल नहीं रही हो, लेकिन उनकी प्रतिष्ठा में वृद्धि जरूर कर गई। सफल और तारीफ के बावजूद श्रीदेवी को साइन करने के लिए निर्माताओं की कतार नहीं लगी। इस उम्र की हीरोइनों के लिए इक्का-दुक्का सफलता ही काफी होती है। ऐश्वर्या के लिए भी अब प्रतिष्ठा ज्यादा मायने रखती है।
About Writer
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।....
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