Publish Date: Wed, 21 Jan 2015 (17:51 IST)
Updated Date: Wed, 21 Jan 2015 (17:57 IST)
2008 में ए वेडनेस डे नामक फिल्म आई। नसीरुद्दीन शाह और अनुपम खेर जैसे उम्दा कलाकार थे, लेकिन बॉक्स ऑफिस की दृष्टि से ये स्टार नहीं थे। उम्र भी हीरो वाली नहीं थी। बावजूद इसके यह फिल्म बेहद पसंद की गई और पहली बार निर्देशक नीरज पांडे से लोग परिचित हुए। पांच वर्ष बाद नीरज ने फिल्म स्टार अक्षय कुमार को लेकर 'स्पेशल 26' बनाई। अक्षय ने धारा के विपरीत तैरते हुए अपने परंपरागत छवि से हटकर इसमें काम किया। फिल्म समीक्षकों के साथ-साथ आम दर्शकों को खुश करने में एक बार फिर नीरज कामयाब हुए। अब वे 'बेबी' लेकर आ रहे हैं जिसकी कहानी आतंकवाद के इर्दगिर्द है। पेश है नीरज से बातचीत के मुख्य अंश :
आपकी पहली फिल्म में स्टार नहीं थे। दूसरी और तीसरी आपने स्टार को लेकर बनाई है। क्या स्टार को लेकर फिल्म बनाने में समझौता करना पड़ता है?
क्या आपको लगा कि स्पेशल 26 में कही समझौता किया गया है। स्टार को लेने का यह फायदा होता है कि आपकी पहुंच ज्यादा दर्शकों तक हो जाती है। स्टार्स के साथ फिल्म बनाते समय सिर्फ इतना ध्यान रखना होता है कि कहानी अपनी आवाज न खो दे।
बेबी नाम क्यों रखा गया है, यह आप स्पष्ट कर चुके हैं, लेकिन फिर भी यह फिल्म की थीम से मेल नहीं खाता।
फिल्म के शुरू होते ही आप मान लेंगे की यही सही नाम है।
आपकी फिल्मों में महिलाओं के किरदार सशक्त नहीं होते या उनको करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं रहता?
बेबी से यह शिकायत दूर हो जाएगी। तापसी और मधुरिमा के किरदार सशक्त हैं।
फिल्म का निर्माण एक म्युजिक कंपनी ने किया है। बावजूद इसके आपने फिल्म में सिर्फ एक और वो भी डेढ़ मिनट का गाना रखा है। यह कैसे संभव हो पाया?
वे लोग बेहद सुलझे हुए हैं।
ए वेडनेस डे और स्पेशल 26, दोनों थ्रिलर फिल्में वास्तविक का टच लिए हुई थी। क्या 'बेबी' में भी आपने वास्तविक घटनाओं से प्रेरणा ली है?
मेरी फिल्म वास्तविक लोगों पर आधारित है। ऐसे लोग जो त्याग करते हैं। जिनके लिए राष्ट्र सबसे पहले है। हमारे दौर में जो घट रहा है उससे से ही प्रेरणा लेकर 'बेबी' का निर्माण किया गया है।
आतंकवाद पर कई फिल्में बनी हैं। 'बेबी' की खासियत क्या है?
आतंकवाद की समस्या को अलग नजरिये से देखा गया है। प्रस्तुतिकरण बिलकुल अलग है।
अक्षय के साथ लगातार दूसरी फिल्म करने की वजह?
स्क्रिप्ट और किरदार उनको सूट करता है।
About Writer
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।....
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