बॉक्स ऑफिस पर रणवीर सिंह की तुलना में शाहरुख खान कई गुना बड़े सितारे हैं। अपने इसी स्टारडम के चलते शाहरुख ने 'दिलवाले' को 'बाजीराव मस्तानी' के सामने रिलीज कर दिया और मात खा बैठे। निश्चित रूप से इससे उनकी स्टार वैल्यू को चोट पहुंची होगी। 'बाजीराव' से टक्कर को हल्के से लेना किंग खान को भारी पड़ गया।
'दिलवाले' अच्छी फिल्म नहीं थी, लेकिन फिल्म के अच्छे होने या न होने का बॉक्स ऑफिस पर चलने से कोई संबंध नहीं होता है। बॉक्स ऑफिस के लिहाज से देखा जाए तो 'दिलवाले' का प्रदर्शन उम्मीद से बहुत कम रहा। फिल्म शायद ही 150 करोड़ का आंकड़ा भी पार कर पाए।
एक तरफ सलमान खान और आमिर खान तीन सौ करोड़ की फिल्में दे रहे हैं वहीं शाहरुख की फिल्में दो सौ करोड़ तक मुश्किल से पहुंच रही है। 'दिलवाले' को शाहरुख खान की असहिष्णुता को लेकर बयानबाजी भी महंगी पड़ी है। कई लोग नाराज हो गए और 'दिलवाले' का बहिष्कार की अपील फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर पर देखी जा सकती है।
फिल्म ट्रेड के एक विशेषज्ञ के अनुसार शाहरुख की फिल्मों के कई क्लब पूरा सिनेमाहॉल बुक करा लेते हैं, लेकिन 'दिलवाले' के लिए एक भी शो बुक नहीं हुआ। लोगों ने स्वेच्छा से यह फिल्म नहीं देखी। दूसरी ओर कुछ संगठनों ने 'दिलवाले' के शुरुआती दिनों में फिल्म का विरोध किया और माहौल खराब किया। लोग डर गए और फिल्म देखने नहीं गए। इससे फिल्म का शुरुआती व्यवसाय प्रभावित हुआ।
शाहरुख ने तो फिल्म को बेचकर अच्छे पैसे कमा लिए, लेकिन वितरकों को घाटा उठाना पड़ा है। दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश आदि क्षेत्र के वितरकों को फिल्म से नुकसान हुआ है। वे शाहरुख की बयानबाजी को कोस रहे हैं जिसके कारण फिल्म की ओपनिंग भी प्रभावित हुई और लोगों ने गुस्से में आकर फिल्म का बहिष्कार किया।