Publish Date: Tue, 09 Sep 2014 (18:10 IST)
Updated Date: Wed, 29 Apr 2015 (18:25 IST)
बैनर : भारतीयम एंटरटेनमेंट
निर्माता : मनोज भारद्वाज, पवन राज खोखर, नवीन कुमार
निर्देशक : राम प्रताप सिंह
संगीत : उद्भव
कलाकार : अत्री कुमार, नीलोफर सलेही, राकेश बेदी, सुष्मिता मुखर्जी, विजय कश्यप, हेमंत पांडे
रिलीज डेट : 12 सितंबर 2014
खोटा सिक्का उदयपुर में रहने वाले एक युवा वीरू की कहानी है। वह अपनी मस्ती में मस्त रहने वाला, शेख चिल्ली की तरह दिन में सपने देखने वाला और गैर-जिम्मेदार किस्म का लड़का है। स्वभाव से वह चतुर है लेकिन जीवन में उसका कोई लक्ष्य नहीं है। उसके पिता चाहते हैं कि वह अपनी भाभी की छोटी बहन से शादी कर ले। दूसरी ओर वीरू की मुलाकात एक एनआरआई लड़की किरण से होती है और वह उससे प्यार करने लगता है। वह अपने एक करीबी, रहमत चाचा की मदद से किरण को पाने की कोशिशों में जुट जाता है। रहमत चाचा वीरू और उसके पिता दोनों के दोस्त हैं। लेकिन वे वीरू को बहुत चाहते हैं, इसलिए उसका साथ देते हैं। किरण अपने माता-पिता को वीरू के बारे में बताती है और उससे शादी करने की बात कहती है।
अब किरण के पिता मिस्टर चड्ढा, वीरू के घर आते हैं और उसके पिता सूबेदार करण सिंह चौधरी से अपने बच्चों के विवाह की बात कहते हैं। करण सिंह ने अपनी बहू की छोटी बहन से अपने बेटे की शादी कराने की ज़बान दे रखी है इसलिए वे बिगड़ जाते हैं और मिस्टर चड्ढा की बेइज्जती कर देते हैं। अपनी बेइज्जती के बाद मिस्टर चड्ढा सूबेदार करण सिंह के सामने कसम खाते हैं कि चाहे जो भी हो जाए अब वे अपनी बेटी की शादी वीरू के साथ नहीं करेंगे।
अपने पिता की बेइज्जती की बात जब किरण को पता चलती है, तो वह वीरू से शादी न करने का फैसला करती है। अब किरण का परिवार अमृतसर जाना चाहता है और वीरू उन्हें रोकना चाहता है। लेकिन क्या वीरू उन्हें रोक पाएगा? अब वह किरण के साथ एक प्लान बनाता है और वादा करता है कि उन दोनों के परिवार एक हो जाएंगे और उनकी शादी करवाने के लिए खुद राज़ी हो जाएंगे। तो वास्तव में उनका प्लान क्या है? क्या वे इस प्लान में सफल होते हैं? सूबेदार और चड्ढा जी को मनाने के लिए वीरू क्या करेगा? क्या वीरू और किरण आपस में मिल पाएंगे? यही फिल्म की बाकी कहानी है।