निर्माता : इरोज़ इंटरनेशनल, बाउंड स्क्रिप्ट पिक्चर्स
निर्देशक : सुजॉय घोष
संगीत : विशाल शेखर
कलाकार : अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, रितेश देशमुख, जैकलीन फर्नांडिस
अलादीन (रितेश देशमुख) और परी कथाओं के अलादीन में केवल नाम की समानता है। अनाथ अलादीन को स्कूली दिनों से कासिम और उसके दोस्त चिढ़ाते रहते हैं कि यदि वह अलादीन है तो उसका जादुई चिराग और जिन्न कहाँ है?
बेचारा अलादीन इस असलियत से अच्छी तरह वाकिफ है कि वह केवल नाम का अलादीन है और उसके पास ऐसी कोई जादुई शक्ति नहीं है। कासिम और उसकी गैंग को देख वह हमेशा भाग खड़ा होता है।
शर्मीला अलादीन अपने कॉलेज में पढ़ने वाली लड़की जस्मिन (जैकलीन फर्नांडिस) को दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की मानता है और उससे एकतरफा प्यार भी करता है। अलादीन को जस्मिन एक लैंप उपहार में देती है। इसको देख कासिम और उसके साथी अलादीन का खूब मजाक उड़ाते हैं कि वह लैंप को रगड़े ताकि उसमें से जिन्न निकल सके। अलादीन ऐसा करता है और वाकई में एक जिन्न बाहर निकल आता है। अलादीन यह देख घबरा जाता है और जिन्न को जाने के लिए कहता है। जिन्न उसका पीछा नहीं छोड़ता। जिन्न का कहना है कि वह उसकी तीन इच्छाओं को पूरा करे बगैर उसका पीछा नहीं छोड़ेगा। आखिरकार अलादीन अपनी तीन इच्छाएँ जिन्न के सामने रखता है, जिन्हें पूरा कर जिन्न चला जाता है।
अलादीन उस समय मुसीबत में घिर जाता है जब दुष्ट जादूगर रिंग मास्टर (संजय दत्त) अलादीन के सामने आ खड़ा होता है। वह अलादीन को मौत के घाट उतारकर उस जादुई लैम्प को पाना चाहता है ताकि उस ताकत का उपयोग वह अपने फायदे के लिए करें। इसके बाद शुरू होती है अच्छाई और बुराई की लड़ाई, जिसे मस्ती, संगीत और जादुई कारनामों सहित पर्दे पर उतारा गया है।