बैनर : यूटीवी मोशन पिक्चर्स निर्माता : रॉनी स्क्रूवाला निर्देशक : इंद्रजीत नट्टोजी संगीत : अमर्त्य, राम संपत कलाकार : श्रेयस तलपदे, माही गिल, केके मेनन, शहनाज़ ट्रेजरीवाला, शिव पंडित
‘आगे से राइट’ की कहानी दिनकर वाघमारे (श्रेयस तलपदे), माही (सोनिया भट्ट), जानूभाई उर्फ बलमा रशीदुल खैरी (केके मेनन) और पर्ल (शहनाज़ ट्रेज़रीवाला) के इर्दगिर्द घूमती है।
28 वर्षीय और मुंबई पुलिस में सब इंसपेक्टर दिनकर के स्वर्गीय पिता एक सफल पुलिस ऑफिसर थे। उनकी इच्छा की खातिर ही दिनकर पुलिस में भर्ती हुआ, लेकिन वह बहुत ही असफल ऑफिसर है। आज तक उसने कोई की केस हल नहीं किया है और ज्यादातर वह गंभीर मामलों से दूर रहने की कोशिश करता है।
माही टीवी पर न्यूज रिपोर्टर है। दिनकर उसे अक्सर टीवी पर देखता है और उसे पसंद करता है।
जानूभाई एक आतंकवादी है और उसे भारत के शहर मुंबई में आतंक फैलाने के लिए भेजा गया है। मुंबई पहुँचते ही जानू भाई बदलने लगते हैं। उन्हें भारत का खाना अच्छा लगता है और वे पर्ल को दिल दे बैठते हैं। उन्हें महसूस होता है कि नफरत की बजाय प्यार की राह पर चलना ही उनके लिए बेहतर है।
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जानू भाई इधर दिल खो बैठते हैं और दिनकर अपनी बंदूक। चार दिन बाद वार्षिक पुलिस दिवस का कार्यक्रम है और दिनकर को इन चार दिनों में अपनी बंदूक ढूँढ निकालना है। जानू भाई और दिनकर एक-दूसरे के सामने आ जाते हैं और कई प्रकार की हास्यास्पद परिस्थितियाँ ‘आगे से राइट’ में उत्पन्न होती हैं।