निर्माता : रॉनी स्क्रूवाला
निर्देशक : दिबाकर बैनर्जी
संगीत : स्नेहा खानवलकर
कलाकार : अभय देओल, नीतू चन्द्रा, परेश रावल, अर्चना पूरनसिंह
‘खोसला का घोसला’ जैसी फिल्म बनाकर चर्चित हो चुके दिबाकर बैनर्जी ‘ओए लकी, लकी ओए’ लेकर हाजिर हो रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने अपनी फिल्म में दिल्ली को दिखाया है और बजाय सेट लगाने के उन्होंने दिल्ली के उन स्थानों पर शूटिंग की है, जिन्हें शायद ही पहले दर्शकों ने परदे पर देखा हो।
दिल्ली से उन्हें खासा प्यार है क्योंकि वे यहीं पर बड़े हुए हैं। बैनर्जी कहते हैं कि लोग उन्हें बंगाली की बजाय पंजाबी समझते हैं क्योंकि पंजाबी संस्कृति को वे नजदीक से जानते हैं।
कहा जा रहा है कि फिल्म की कहानी देवेन्दर उर्फ बंटी नामक चोर पर आधारित है, जो इस समय दिल्ली की सेंट्रल जेल में बंद है।
अभय देओल इस फिल्म में लकी नामक चोर बने हैं। लकी एक ऐसा चोर है जिसके हुनर की दाद दिल्ली पुलिस भी देती है। वह इतना चालाक चोर है और इतनी सफाई से चोरी करता है कि सुरक्षा में लगे लोग उसके तेज दिमाग की तारीफ करते हैं।
लकी को जो चीज अच्छी लगती है वह उसे चुरा लेता है। भले ही कितना भी जोखिम हो। दिल्ली में रहने वाले अमीर परिवार उसके शिकार हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार का सदस्य लकी बहुत जल्दी प्रसिद्ध हो जाता है। लकी के पास सारी सुख-सुविधाएँ मौजूद हैं, लेकिन वह अब सामाजिक प्रतिष्ठा चाहता है।
‘ओए लकी, लकी ओए’ में लकी चोर की कहानी को व्यंग्यात्मक तरीके से दिखाया गया है।
About Writer
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।....
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