निर्माता : महीम मित्तल, असित मित्तल, कृष्ण कुमार, संदीप गुप्ता निर्देशक : गुरबीर सिंह ग्रेवाल संगीत : जयदेव कुमार कलाकार : आशुतोष राणा, साक्षी तंवर, पेंटल, ब्रजेश हीरजी, हेमंत पांडेय, हर्ष छाया, विनोद नागपाल
कॉफी हाउस एक ऐसी जगह है, जहाँ कई लोग रोजाना आते हैं, बातें करते हैं। कुछ लोगों के लिए यह मिलने का ठिकाना रहता है। कॉफी के साथ-साथ चिंतन किया जाता है। रोमांस किया जाता है।
फिल्म ‘कॉफी हाउस’ की कहानी दिल्ली के कॉफी हाउस के उन लोगों के इर्द-गिर्द घूमती है जो अलग-अलग ग्रुप के हैं और रोज कॉफी हाउस में आते हैं। अलग-अलग ग्रुप से होने के बावजूद उनके बीच एक प्रकार का संबंध है।
PR
कुछ ऐसी घटनाएँ घटती हैं, जिससे सारे ग्रुप एक हो जाते हैं। सभी एक बात महसूस करते हैं कि केवल बैठकर कॉफी पीने और चर्चा करने से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि कुछ कर गुजरने की जरुरत है।
यह फिल्म युवाओं, बेरोजगारों, सेवानिवृत्त हो चुके लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। भावनाओं, हास्य व्यंग्य और दिल व दिमाग को झकझोरने वाले प्रश्नों के जवाब ढूँढने पर दर्शकों को मजबूर करने वाली फिल्म है ‘कॉफी हाउस’।