क्या आप जानते हैं कि हर वर्ष शादी पर दुनिया भर में 80 बिलियन डॉलर खर्च किए जाते हैं। भारत में 50 प्रतिशत लोग शादीशुदा हैं। 25 प्रतिशत की शादी की उम्र हो चली है और केवल चार में से एक व्यक्ति अपनी पसंद की लड़की या लड़के से शादी कर पाता है। ‘तेरे मेरे फेरे’ की कहानी भी शादी, प्यार, हनीमून के इर्दगिर्द घूमती है। यह फिल्म स्त्री और पुरुष की बरसों से चली आ रही लड़ाई को भी हंसी-मजाक में लपेट कर दिखाती है।
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पूजा और राहुल को देख लगता है कि वे एक-दूजे के लिए बने हैं। परफेक्ट रोमांस और परफेक्ट शादी के बाद वे एक शानदार हनीमून के लिए निकले हैं। हिमाचल की खूबसूरत वादियों में। लेकिन जैसा कहा जाता है कि दूरी होने से प्यार बढ़ता है तो इस बात की विपरीत बात भी सत्य मानी जानी चाहिए। यानी कि बहुत ज्यादा नजदीकियां प्यार कम करती है। तो राहुल और पूजा भी कुछ ज्यादा ही करीब आ जाते हैं और इसके बाद दोनों में लड़ाई छिड़ जाती है। फिर लड़ाइयों की सीरिज शुरू हो जाती है। इसी दौरान उनके बीच हिमाचल में रहने वाला (विनय पाठक) और पहाड़ी मिर्ची मुस्कान (रिया सेन) की जोड़ी आ जाती है। इसके बाद शुरू होता है हास्य का सिलसिला।