कहानी है भारतीय मूल के अमेरिकन नौजवान रोशन (अभिषेक बच्चन) की, जो भारत पहली बार आया है। इसकी वजह है उसकी दादी, जो बहुत बीमार है और अपने अंतिम दिन वे उस जमीन पर बिताना चाहती हैं, जहाँ वे पैदा हुई हैं।
रोशन पाश्चात्य जीवनशैली का आदी है। भारतीय संस्कृति, विश्वास और धर्म के बारे में उसे ज्यादा पता नहीं है। यहाँ के खाने और सुगंध को भी उसने पहली बार महसूस किया।
भारत आने के पूर्व वह सोच रहा था कि उसकी दादी अमेरिका को छोड़कर गलती कर रही है, लेकिन उसे यहाँ आने पर महसूस होता है कि वो गलत था। यहाँ पर उसे जो अपनापन और प्यार मिला उससे वो अभिभूत है।
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बिट्टू (सोनम कपूर) अपनी पहचान की तलाश में है और परंपरा के नाम पर उन बेडि़यों को तोड़ना चाहती है जिन्होंने उसे जकड़ रखा है। वह रोशन को चाहने लगती है। रोशन की मुलाकात गोबर (अतुल कुलकर्णी), जलेबी (दिव्या दत्ता) और नवाब साहब अली (ऋषि कपूर) से होती है जो उसे समझाते हैं कि वो अपने बिट्टू को छोड़कर नहीं जाए क्योंकि ऐसा प्यार जिंदगी में बार-बार नहीं मिलता।
इस फिल्म की कहानी में दिल्ली का वो हिस्सा दिखाया गया है जिसका पिनकोड है 110006। इसलिए फिल्म को ‘देहली 6’ का नाम दिया गया है। यह शहर इस फिल्म में एक किरदार की तरह मौजूद है।