फिल्म ’दोस्ताना’ की कहानी है मियामी में रहने वाले समीर (अभिषेक बच्चन) और कुणाल (जॉन अब्राहम) की। समीर सेंट स्टीव हॉस्पिटल में काम करता है और अपने सेंस ऑफ ह्यूमर की वजह से अक्सर परेशानियों में घिर जाता है, लेकिन वह किसी की भी जिंदगी में खुशियाँ भर सकता है।
कुणाल पेशे से फोटोग्राफर है। ऊँचा कद, आत्मविश्वास से भरपूर, स्वभाव से मधुर कुणाल की शख्सियत ही कुछ ऐसी है कि वह जिस लड़की से मिलता है वो उस पर फिदा हो जाती है। वह अपना काम जिम्मेदारी और व्यवस्थित तरीके से करता है।
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कुणाल के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसके पास मियामी में रहने का परमिट नहीं है क्योंकि वह अवैध रूप से वहाँ रह रहा है। इस वजह से किराए का घर ढूँढने में उसे भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
समीर और कुणाल की मुलाकात होती है और दोनों रहने के लिए फ्लैट की तलाश करते हैं। उन्हें एक फ्लैट पसंद आता है, लेकिन मकान मालकिन उन्हें फ्लैट किराए पर देने से इंकार कर देती है। उसकी शर्त रहती है कि वह सिर्फ लड़कियों या विवाहित व्यक्ति को ही फ्लैट देगी क्योंकि उस मकान में उसकी एक भतीजी नेहा (प्रियंका चोपड़ा) भी रहती है।
समीर और कुणाल इस समस्या का हल ढूँढ निकालते हैं। वे मकान मालकिन को बताते हैं कि वे गे हैं और उन्हें फ्लैट मिल जाता है। नेहा एक फैशन मैग्जीन में काम करती है और शादी कर सैटल होना चाहती है।
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समय गुजरता है। समीर और कुणाल दोनों नेहा पर लट्टू हो जाते हैं, लेकिन नेहा उन्हें बिलकुल भी भाव नहीं देती क्योंकि वह उन्हें गे समझती है। किस तरह से ये राज खुलता है इसे हास्य की चाशनी में डूबोकर दिखाया गया है।
करण जौहर इस फिल्म के निर्माता हैं और पहली बार वे ‘के’ अक्षर से नहीं शुरू होने वाली फिल्म बना रहे हैं। उनके पिता यश जौहर ने वर्षों पहले अमिताभ बच्चन, ज़ीनत अमान और शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर ‘दोस्ताना’ बनाई थी।
‘दोस्ताना’ की शूटिंग मियामी, फ्लोरिडा और यूएसए में की गई है और करण के सहायक तरूण मनसुखानी ने इसे निर्देशित किया है।