निर्माता-निर्देशक : शशि रंजन संगीत : रूप कुमार राठौर कलाकार : अनुपम खेर, सतीश शाह, शाद रंधावा, आरती छाबरिया, समीर दत्तानी, गुलशन ग्रोवर, सतीश कौशिक, दीपशिखा
मुंगीलाल (अनुपम खेर) 70 के दशक में मुंबई में भाईगिरी करता था। उसका दोस्त जिग्नेश (सतीश शाह) उसका बिज़नेस एडवाईज़र था। जब पुलिस का शिकंजा कसने लगा तो दोनों बैंकॉक भाग गए। मुंगीलाल बैंकॉक का डॉन बन गया।
एएबीएम (ऑल एशियन भाई मीट) की बैठक हो रही है और विषय है कि एशिया में भाईगिरी में गिरावट क्यों आ रही है? मुंगी के दुश्मन फुरसत लाला (गुलशन ग्रोवर) के पास एक योजना है। उसके अनुसार अलीबाग में एक जमीन है। उस पर केसिनो खोलकर भाईगिरी का व्यवसाय बढ़ाया जा सकता है।
इसके लिए मुंगीलाल के वारिस की जरूरत है जो मुंबई में बैठकर इस योजना को क्रियान्वित कर सकें। चूँकि मूँगी का कोई वारिस नहीं है, इसलिए फुरसत लाला मुंबई का डॉन बनने का सपना देखने लगता है।
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मूँगीलाल यह कहकर सबको चौंका देता है कि उसका वारिस है। वह वारिस को सामने लाने के लिए एक महीने का समय माँगता है, जो उसे दे दिया जाता है। मूँगी के दोस्त जिग्नेश को बेहद आश्यर्च होता है कि बिना शादी के मूँगी का वारिस कहाँ से आ गया? दरअसल मूँगी उस जमीन पर अस्पताल बनाना चाहता है।
मूँगी को उसकी बहन अंगूरी (भावना बलसावर) का एक पत्र मिलता है। अंगूरी को मूँगी वर्षों पहले घर से निकाल देता है क्योंकि वह एक संगीत अध्यापक से शादी करना चाहती थी।
उस पत्र में लिखा रहता है कि अंगूरी ने कमल नामक संतान को जन्म दिया था। मूँगी यह खबर पढ़कर बहुत खुश होता है क्योंकि कमल अब बड़ा हो गया होगा। वह कमल को खोजने का जिम्मा जासूस जॉनी इंग्लिश (सतीश कौशिक) को देता है। जॉनी दावा करता है कि वह कमल को 20 दिन में खोज निकालेगा। इसके बदले में मूँगी उसे 50 लाख रुपए देने का वादा करता है।
जॉनी एक एनआरआय (समीर दत्तानी) को पटाता है कि वह कमल बन जाए। दोनों मूँगी के पासा जाते हैं और समीर को जॉनी, कमल के रूप में पेश करता है। अचानक एक और लड़का (शाद रंधावा) आता है और वह अपने आपको कमल बताता है।
स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब कमल नामक एक लड़की (आरती छाबरिया) आती हैं और अपने आपको कमल बताती है। अंगूरी के पत्र में यह स्पष्ट नहीं था कि कमल लड़की है या लड़का।
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जिया (शमा सिकंदर) अपने आपको कमल की गर्लफ्रेंड बताती है। मूँगीलाल परेशान हो जाता है और सबको अपने घर पर तब तक रोक लेता है, जब तक कि कमल का पता नहीं चल जाता।
कौन है असली कमल? मूँगी कैसे पता लगाएगा असली कमल का? नकली कमल की योजना क्या है? इसका जवाब मिलेगा ‘धूम धड़ाका’ में।