निर्माता के रूप में सुभाष घई छोटे बजट की फिल्मों का निर्माण लगातार कर रहे हैं, जिनका निर्देशन वे खुद नहीं करते। ‘पेइंग गेस्ट’ का निर्देशन पारितोष पेंटर ने किया है, जिन्होंने ‘धमाल’ जैसी हिट फिल्म का स्क्रीन प्ले लिखा था।
घर किराए पर लेने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। इस विषय पर कई फिल्मों में हास्य रचा गया है और एक बार फिर ‘पेइंग गेस्ट’ में यह विषय देखने के लिए तैयार हो जाइए।
चार युवा (श्रेयस तलपदे, जावेद जाफरी, आशीष चौधरी और वत्सल सेठ) मौज-मस्ती के साथ जिंदगी जीना पसंद करते हैं। किराए का घर ढूँढने में इन्हें अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। घर की तलाश करते हुए इनकी मुलाकात मकान मालिक बल्लू (जॉनी लीवर) से होती है। बल्लू को ये इस बात के लिए राजी कर लेते हैं कि वे उसके घर में पेइंग गेस्ट बनकर रहेंगे।
बल्लू उनके आगे भारी-भरकम शर्त रख देता है। वो उन्हें पेइंग गेस्ट रखने के लिए तैयार है, लेकिन युगल या जोड़े के रूप में। शर्त सुनकर चारों का दिमाग घूमने लगता है। वे ठहरे कुआँरे, पत्नी कहाँ से लाएँगे?
इस शर्त को पूरा करने के चक्कर में शुरू होता है हास्य घटनाक्रमों का सिलसिला।