निर्माता : आदित्य चोपड़ा निर्देशक : सिद्धार्थ आनंद संगीत : विशाल-शेखर कलाकार : रणबीर कपूर, बिपाशा बसु, दीपिका पादुकोण, मिनिषा लांबा ‘बचना ऐ हसीनों’ रणबीर कपूर के साथ यशराज फिल्म्स के लिए भी अहम है। ‘साँवरिया’ के पिटने के बावजूद रणबीर चर्चा में बने हुए हैं क्योंकि वे कपूर परिवार के सदस्य हैं। वरना कई ऐसे चेहरे मिल जाएँगे जो पहली फिल्म के असफल होते ही गुमनामी के अँधेरों में खो गए। यशराज फिल्म्स ने लगातार इतनी असफलताएँ पहले शायद ही देखी हों। इस समय यह बैनर एक सफल फिल्म के लिए तरस रहा है।
सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित ‘बचना ऐ हसीनों’ एक प्रेम कहानी है। राज (रणबीर कपूर) खूबसूरत, स्मार्ट और आकर्षक लड़का है। लड़कियाँ उसके मोहजाल में खिंची चली आती हैं। लड़कियों को उनकी मम्मियाँ, दोस्त और दिमाग लगातार समझाते हैं कि राज उनके लिए ठीक नहीं है, लेकिन दिल है कि मानता नहीं।
फिल्म में तीन प्रेम कहानियाँ दिखाई गई हैं राज-माही, राज-राधिका और राज-गायत्री की। ये तीनों लड़कियाँ राज के जीवन में अलग-अलग समय पर आईं। उन्होंने राज को स्वीट और सेक्सी तरीके से जिंदगी और प्यार के बारे में कुछ बातें सिखाईं।
पात्र परिचय
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राज (रणबीर कपूर) राज की शख्सियत, लुक, सेक्स अपील इतनी मोहक है कि सभी उसकी ओर खिंचे चले आते हैं। हर लड़का सोचता है कि वह राज जैसा क्यों नहीं है। उसकी अदा ही इतनी निराली है कि लड़कियाँ उसकी ओर आकर्षित हो जाती हैं, अब बेचारे राज का इसमें क्या दोष?
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माही (मिनिषा लांबा) माही स्वीट, रोमांटिक, मासूम और खुशमिजाज लड़की है। वह सोचती है कि उसके साथ कुछ भी बुरा नहीं हो सकता। उसकी राह हमेशा इंद्रधनुष से सजी रहेगी और फूल उसके हर कदम पर बिखरे होंगे। जब वह चलेगी तो उसके एक हाथ में मिल्स एंड बून होगी और दूसरा हाथ उसके प्रेमी ने थाम रखा होगा। उसे उम्मीद है उसकी सारी इच्छाएँ पूरी होंगी।
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राधिका (बिपाशा बसु) खूबसूरत, सेक्सी और आत्मविश्वास से भरपूर राधिका मुंबई में रहती है। वह अपनी शर्तों पर जीना पसंद करती है। उसका अपना फ्लैट है और सिल्वर स्क्रीन पर चमकना उसकी चाहत। वह आज की लड़की है। अपनी खुशी के लिए वह कुछ भी अच्छा-बुरा नहीं समझती। समाज के दकियानूसी नियमों से उसे नफरत है। वह वही करती है, जो उसका दिल कहता है और जिसमें उसे खुशी मिले।
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गायत्री (दीपिका पादुकोण) गायत्री उन लड़कियों में से है जो दूसरे देशों में पढ़ाई और अपनी महत्वाकांक्षाएँ पूरी करने जाती हैं। खूबसूरत, स्मार्ट और महत्वाकांक्षी गायत्री यह बात अच्छी तरह समझती है कि वह क्या चाहती है और उसे कैसे पाया जाता है। अजनबी जगह पर वह अकेली है, लेकिन डर का उसके चेहरे पर नामोनिशान नहीं है। उसकी खूबसूरत आँखें तब और चमक उठती हैं जब उसे कोई चुनौती मिलती है। वह जिंदगी या प्यार से जो चाहती है उसे पाने से उसे कोई नहीं रोक सकता।