बैनर : बांद्रा वेस्ट पिक्चर्स निर्माता : राज एरासी, जियुलिया अचीली, राजा मेनन कहानी-पटकथा-निर्देशन : राजा मेनन कलाकार : नसीरुद्दीन शाह, विजय राज, अर्जुन माथुर, वायलेंटी प्लेसिडो, तनिष्ठा चटर्जी
‘बारह आना’ मुंबई में रहने वाले तीन दोस्तों की कहानी है। ड्राइवर शुक्ला (नसीरुद्दीन शाह) की उम्र हो चली है, लेकिन वह आत्मनिर्भर है। वॉचमैन यादव (विजय राज) की उम्र तीस वर्ष के आसपास है और उसका व्यवहार रहस्यमय है। वेटर अमन (अर्जुन माथुर) युवा और अक्खड़ किस्म का व्यक्ति है। स्वभाव से अलग होने के बावजूद तीनों साथ रहते हैं और इस वजह से हास्य की स्थितियाँ पैदा होती हैं।
जीवन के एक मोड़ पर वॉचमैन यादव आपराधिक गतिविधियों से जुड़ जाता है। रिस्क लेकर अधिक पैसा कमाना उसके मन में लालच पैदा करता है। वह अपने साथ-साथ अपने दोस्तों को भी अपराध की दुनिया से जोड़ देता है। नया काम और अधिक धन की वजह से तीनों के व्यक्तित्व में बदलाव आ जाता है और फिर इनके बीच चूहे-बिल्ली का खेल शुरू हो जाता है।
बहुत जल्दी स्थिति इन तीनों के हाथ से बाहर निकल जाती है और वे एक ऐसी राह पर आ खड़े होते हैं, जिस पर आगे बढ़ना कोई नहीं चाहता।
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‘बारह आना’ एक हलकी-फुलकी नाटकीय फिल्म है, जिसमें इटालियन अभिनेत्री वायलेंटी प्लेसिडो भी हैं। इस फिल्म की अवधि 97 मिनट है। इस फिल्म को कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में दिखाया जा चुका है, जहाँ इसकी सराहना की गई। जून 2009 में न्यूयॉर्क में होने वाले ‘म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट’ के फिल्मोत्सव में भी इस फिल्म को आमंत्रित किया गया है।