बैनर : जैगसन एंटरटेनमेंट कंपनी निर्देशक : गिरीश जुनेजा संगीत : उपमन्यु, जयदेव कलाकार : अन्नू कपूर, अखिलेन्द्र मिश्रा, पंकज बेरी, गोविंद पांडेय
नई दिल्ली जैसे महानगर जब पड़ोसी गांवों में फैलने लगते हैं तो वहां रहने वाले लोगों की बेकार पड़ी भूमि भी अपने गरीब मालिकों को लाखों रूपए दे जाती हैं। इस फैलाव से भूमि के मालिकों को शानदार मुआवजा मिल जाता है।
फिल्म ‘मुआवजा’ की कहानी इसी तथ्य के इर्द-गिर्द घूमती है। यह कहानी है गांव के भसोया, अवाना और भाटी नामक तीन गुज्जर परिवारों की। कहानी में ‘बेचु भाई’ नामक चतुर चरित्र, इन घटनाओं के लिए उत्प्रेरक का काम करता है और गांव वालों को सरकार द्वारा मिलने वाले मुआवजे के बारे में जागरूक करता है। ‘बेचु भाई’ जैसे किरदार प्रायः हर शहर, गांव, गली, मोहल्लों में मिल जाया करते हैं।
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महानगर के इस फैलाव की वजह से तीनों गुज्जर परिवारों के सीधे सादे लोगों को, अपनी जमीन के एवज में पैसों की बड़ी राशि प्राप्त हो जाती है। इस पैसे को खर्च करने के उनके तरीके इन चरित्रों को समझने का मौका देते हैं।
मनोरंजक कहानी के आधार पर कहा जा सकता है कि फिल्म ‘मुआवजा’ दिल्ली और उसके आसपास के गांवों में रहने वाले नए अमीर लोगों की जीवनशैली को रोचक अंदाज में प्रस्तुत करती है। यह फिल्म गांवों में रहने वाले इन तेज दिमाग लोगों की कहानी में छिपे व्यंग्य को भी दर्शाती है।
इसकी कहानी बताती है कि कैसे एक घटना उनकी सोच, दृष्टिकोण और जीवनशैली को पूरी तरह बदल कर रख देती है। फिल्म की कहानी में कॉमेडी और नैतिक शिक्षा का खूबसूरत समावेश किया गया है।