निर्माता : अशोक बगला निर्देशक : प्रकाश सैनी संगीत : रवि मीत, मनोज नेगी कलाकार : सरवर आहूजा, साधिका रंधावा, संजय मिश्रा, हीना तस्लीम
‘मेरी पड़ोसन’ कहानी उन लोगों की है जो अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। विजू एक क्लर्क है, जो अपनी पत्नी कविता के साथ रहता है।
छोटे शहर से मुंबई रहने के लिए आए पति-पत्नी खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। उनकी जिंदगी में तब परेशानी खड़ी हो जाती है जब संघर्ष कर रहा निर्देशक श्याम गोपाल वर्मा अपने दो दोस्तों के साथ उनके घर के नजदीक रहने के लिए आ जाता है।
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मीडिया रिपोर्टर प्रेम और बैंक में काम करने वाला असलम, श्याम के साथी हैं। ये तीनों दोस्त रोजाना विजू के लिए नई समस्याएँ खड़ी करते हैं। प्रेम एक रात विजू और कविता को रोमांस करते हुए देख लेता है।
लिव इंडिया चैनल का विज्ञापन एक दिन श्याम गोपाल वर्मा पढ़ता है। चैनल को एक निर्देशक की आवश्यकता है जो रियल लाइफ स्टोरी पर फिल्म बना सके। अगले दिन श्याम अपने दोस्त प्रेम के साथ लिव इंडिया चैनल के ऑफिस में जाता है, जहाँ 500 और निर्देशक कतार में खड़े हैं। श्याम भी फॉर्म भरता है और कहानी के बारे में सोचने लगता है, जिस पर फिल्म बनाई जा सके।
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एक दिन श्याम देखता है कि विजू ऑफिस से आ रहा है। विजू जैसे ही घर पहुँचता है, कविता उसे बाँहों में भर लेती है और उसका चुंबन लेती है। उनके रोमांस को देख श्याम उन पर फिल्म बनाने की सोचता है।
वह अपना सामान बेचकर एक कैमरा दस दिनों के लिए किराए पर लाता है और चुपचाप विजू और कविता की नोकझोंक और रोमांस से भरे लम्हों को शूट करने लगता है। आगे क्या होता है, इसके लिए देखना होगी ‘मेरी पड़ोसन’।