निर्माता-निर्देशक : अफज़ल खान संगीत : इस्माईल दरबार कलाकार : संजय दत्त, मनीषा कोईराला, अजय देवगन
न्यूयॉर्क में रहने वाला श्रवण धारीवाल (संजय दत्त) एक सफल उद्योगपति है। उसने जो भी सपने देखे, वे पूरे किए। ऐशो-आराम की सारी चीजें उसके पास हैं। जो नहीं है, उसे वह तुरंत खरीद लेता है। जिंदगी में उसे जीतना पसंद है। अपनी लाइफस्टाइल की वजह से वह लड़कियों का चहेता है। उसे लगता है कि वह जिस हसीना को चाहे, पैसों के दम पर पा सकता है, लेकिन उसका यह भ्रम उस दिन टूट जाता है जब वह वर्षा (मनीषा कोईराला) से मिलता है।
वर्षा आत्म-सम्मान और नैतिकता को पैसों से ज्यादा महत्व देती है। उस पर अमेरिका की संस्कृति का कोई प्रभाव नहीं है। श्रवण उस पर मोहित हो जाता है, लेकिन वर्षा को उससे कोई लगाव नहीं है। श्रवण को ना सुनने की आदत नहीं है। वह महँगे उपहारों से वर्षा का दिल जीतने की कोशिश करता है, लेकिन वर्षा पर इसका कोई असर नहीं होता।
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एक पार्टी में वर्षा हजारों लोगों के सामने श्रवण का अपमान कर देती है। श्रवण को इससे बहुत बड़ा झटका लगता है। पहली बार उसे महसूस होता है कि स्त्री कोई वस्तु नहीं है, जिसे पैसों से खरीदा जा सके। उसे अपनी गलती का अहसास होता है और वह वर्षा से माफी माँगता है। वर्षा के पिता से मिलकर वह उनसे कहता है कि वे उसे माफ करने के लिए वर्षा से कहें। वर्षा का हाथ भी वो उनसे माँगता है।
वर्षा के पिता श्रवण पर विश्वास करते हैं और वर्षा से कहते हैं कि श्रवण अब बिलकुल बदल गया है। वर्षा उसे माफ कर देती है और दोनों की सगाई हो जाती है। छुट्टियाँ बिताने दोनों साथ जाते हैं और सारी हद पार कर देते हैं।
वर्षा को उस समय गहरा झटका लगता है जब श्रवण उसे बताता है कि प्यार और माफी का नाटक उसने इसलिए किया था ताकि वह उसके साथ सो सके। वर्षा का दिल टूट जाता है और वह श्रवण की जिंदगी से बहुत दूर चली जाती है।
श्रवण को उसके घर यानी भारत में बुलाया जाता है क्योंकि उसका छोटा भाई करण (अजय देवगन) शादी करने वाला है। करण का स्वभाव अपने भाई के बिलकुल विपरीत है।
करण यूरोप में रहता है और श्रवण को वह अपनी प्रेमिका पायल के बारे में बताता है। पायल को वह बेहद चाहता है और उसके लिए पायल ही सब कुछ है। शादी का दिन नजदीक आता है और पायल यूरोप से भारत आती है। करण अपनी प्रेमिका पायल को श्रवण से मिलवाता है। पायल और कोई नहीं वर्षा ही है।
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क्या पायल ने यह नाटक श्रवण को सबक सिखाने के लिए किया है? क्या उसके साथ भाग्य ने यह खेल खेला है? क्या श्रवण, करण को पायल से शादी नहीं करने देगा? श्रवण और वर्षा के संबंध का राज खुलेगा तब करण का क्या होगा? जानने के लिए देखिए ‘मेहबूबा’।