लव आज लंदन, सेन फ्रांस्सिको, दिल्ली - 2009 लंदन में रहने वाले जय और मीरा वर्तमान दौर के प्रेमी हैं। दोनों बेहद खुश हैं, लेकिन शादी जैसी परम्परा में उनका विश्वास नहीं है। जब जिंदगी दोनों को अलग-अलग दिशाओं में ले जाती है, तो वे खुशी-खुशी उस बहाव के साथ जाना पसंद करते हैं। ‘ये हीर-राँझा, रोमियो-जूलिएट, जनम-जनम का साथ टाइप कपल सिर्फ कहानियों की किताब में होते हैं’ जय कहता है। असल जिंदगी में हमें व्यावहारिक होना पड़ता है।
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लव कल दिल्ली, कलकत्ता - 1965 वीरसिंह जब पहली बार हरलीन को देखता है तो सब कुछ भूल जाता है। पेड़ के नीचे खड़े होकर कसम खाता है ‘इस जनम में और हर जनम में... हरलीन कौर मेरी वहुटी बनेगी।‘ हजारों किलोमीटर का सफर तय कर वह उसकी बालकनी के नीचे खड़ा रहता है, ताकि उसके चेहरे की एक झलक देख पाए।
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लव आज कल वीर समझ नहीं पाता कि जय दिल के मामले को इतने हलके से कैसे लेता है। उसके लिए प्यार रोजमर्रा काम की तरह है। जय को समझ नहीं आता कि अपने जवानी के दिनों में वीर हरलीन के पीछे इतना पागल क्यों था? कहानी आगे बढ़ती है तो यह बात समझ में आती है कि रिश्तों की प्रक्रिया अलग-अलग दौर में भले ही अलग हो सकती है, लेकिन प्यार में पड़ने का अहसास एक-सा है।
निर्माता : सैफ अली खान, दिनेश विजान निर्देशक : इम्तियाज़ अली गीतकार : इरशाद कामिल संगीतकार : प्रीतम चक्रवर्ती कलाकार : सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण, नीतू सिंह, ऋषि कपूर, राहुल खन्ना, वीर दास