सिड (रणबीर कपूर) का वैसे तो पूरा नाम सिद्धार्थ मेहरा है, लेकिन दोस्त उसे इसी नाम से पुकारते हैं। सिड, एक सामान्य लड़का है। हाल ही में उसने कॉलेज की पढ़ाई खत्म की है और उसे नहीं पता है कि आगे वह क्या करेगा। कभी उसने ऐसी योजना भी नहीं बनाई और न ही इस बारे में सोचा। फिलहाल वह दोस्तों के साथ, टीवी देखकर, खाते हुए, सोते हुए और सपने देखते हुए समय काटता है।
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सिड मानना है कि यदि सभी लोग अपनी रफ्तार थोड़ी धीमी कर दे तो दुनिया और बेहतर जगह हो सकती है। लापरवाह और सुस्त किस्म का सिड हर तरह की जिम्मेदारी से बचता है। वैसे सिड एक हँसमुख, ईमानदार और मिलनसार लड़का है।
ऋषि (नमित दास) और लक्ष्मी (शिखा तलसानिया) सिड के खास दोस्त हैं। अपनी मम्मी सरिता (सुप्रिया पाठक) से वह बहुत कम बात करता है। सिड के पिता राम मेहरा (अनुपम खेर) की बाथरूम में प्रयोग होने वाले सामान बनाने की कंपनी है। वे चाहते हैं कि सिड उनकी कंपनी में शामिल हो, लेकिन सिड को इसमें कोई रूचि नहीं है।
आयशा बैनर्जी (कोंकणा सेन शर्मा) कोलकाता की रहने वाली है। लेखक बनने के सपने को पूरा करने के लिए वह मुंबई आई है। कोलकाता छोड़ना उसके लिए बहुत मुश्किल था और अब उसे मुंबई से तालमेल बैठाने में परेशानी आ रही है।
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मुंबई में पहले ही दिन सिड और आयशा टकरा जाते हैं। सिड और आयशा के स्वभाव में जमीन-आसमान का अंतर है, लेकिन दोनों दोस्त बन जाते हैं। सिड और उसके दोस्तों की मदद से आयशा मुंबई में सेट हो जाती है।
इसके बाद सिड के साथ कई घटनाक्रम ऐसे घटते हैं जो जिंदगी के प्रति उसके नजरिये में बदलाव लाते हैं।