जब सात दिन चुप रहे गौतम बुद्ध...
बुद्ध के मौन रहने की कहानी..
कहते हैं बुद्ध को जब ज्ञान हुआ तो वह सात दिन चुप रह गए। चुप्पी इतनी मधुर थी। ऐसी रसपूर्ण थी, ऐसी रोआं-रोआं उसमें नहाया, सराबोर था, बोलने की इच्छा ही न जागी। बोलने का भाव ही पैदा न हुआ। कहते हैं, देवलोक थरथराने लगा। कहानी बड़ी मधुर है।
अगर कहीं देवलोक होगा तो जरूर थर-थराया होगा।