आम बजट 2012 : सेवा कर की दर 12 प्रतिशत हुई

सरकार को 18,660 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेंगे

शुक्रवार, 16 मार्च 2012 (18:37 IST)
FILE
फोन का इस्तेमाल, होटल में खाना खाने या इसी तरह की अन्य गतिविधियों पर अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को संसद में वित्त वर्ष 2012-13 का बजट पेश करते हुए सेवा कर की दर को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने की घोषणा की।

इसके साथ ही एक ‘निषेधात्मक’ सूची लाने का भी प्रस्ताव किया गया है। इस सूची में रखी सेवाओं को छोड़ बाकी सभी सेवाएं कर के दायरे में आ जाएगा और इससे सेवा कर का आधार व्यापक होगा।

मुखर्जी ने 2012-13 का बजट पेश करते हुए कहा कि मैं सेवा कर की दर को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करता हूं। सेवा कर पर प्रस्तावों से सरकार को 18,660 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। सरकार ने का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में सेवा कर संग्रहण 95,000 करोड़ रुपए रहेगा। अगले वित्त वर्ष में सेवा कर से 1.24 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि मैं निषेधात्मक सूची में शामिल वस्तुओं को छोड़कर अन्य को सेवा कर के दायरे में लाने का प्रस्ताव करता हूं। इसमें 17 तरह की सेवाएं शामिल हैं। ऐसी सेवाएं जो नकारात्मक सूची में नहीं होंगी, उन पर 12 प्रतिशत की दर से कर लगेगा। पिछले साल सरकार ने 22 की नकारात्मक सूची का प्रस्ताव किया था। फिलहाल 119 प्रकार की सेवाओं पर 10 फीसदी की दर से कर लगता है।

नकारात्मक सूची में ऐसी सेवाएं शामिल हैं जो सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं। कुछेक विशेष क्षेत्रों की सेवाएं भी इसके दायरे में हैं। ये ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें निजी क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।

इस सूची में प्री स्कूल और स्कूली शिक्षा, उच्च स्तर पर मान्य शिक्षा, मान्य व्यावसायिक शिक्षा, आवासीय इकाइयों को किराए पर देना, मनोरंजन सेवाएं और बड़ी संख्या में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं शामिल हैं। मुखर्जी ने कहा कि नकारात्मक सूची का चलन वैश्विक रूप से है। इसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत भारत में भी पेश किए जाने का प्रस्ताव है।

वित्त मंत्री ने कहा कि नकारात्मक सूची की ओर बढ़ने से कानून में 290 परिभाषाओं और ब्योरे को घटाकर 54 पर लाया जा सकेगा। साथ ही मुक्तता को 88 से 10 पर लाया जा सकेगा।

स्वास्थ्य सेवाएं, धर्मार्थ सेवाएं, धार्मिक व्यक्तियों, लोक और शास्त्रीय कला क्षेत्र से जुड़े लोगों और खिलाड़ियों पर सेवा कर नहीं लगेगा।

इसके अलावा गैर कारोबारी इकाइयों को सेवाएं देने वाला अधिवक्ताओं, स्वतंत्र पत्रकायों, पशुपालन क्षेत्र में दी जाने वाली सेवाओं और कार पार्किंग आदि पर भी सेवा कर नहीं लगेगा।

मुखर्जी ने कहा कि वह कॉपीराइट पर फिल्म उद्योग को भी सेवा कर से छूट देने का प्रस्ताव रखते हैं। जीवन बीमा सेवाओं के मामले में यदि पूरा प्रीमियम जोखिम कवर के दायरे में नहीं आता है, तो पहले साल के प्रीमियम पर तीन प्रतिशत की दर से कर लगेगा। देश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान से विमान यात्रा पर 12 फीसदी की दर से मूल्यानुसार कर लगेगा। इकनॉमी श्रेणी में यात्रा पर 60 प्रतिशत एबेटमेंट मिलेगा और इस तरह किराए के सिर्फ 40 फीसदी हिस्से पर ही कर लगेगा। (भाषा)

वेबदुनिया पर पढ़ें