Publish Date: Mon, 29 Feb 2016 (14:40 IST)
Updated Date: Mon, 29 Feb 2016 (14:40 IST)
भारतीय विशेष पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को कानूनी दर्जा दिया जाएगा। इसकी घोषणा वित्त मंत्री अरुण जेटली में आम बजट में की। कानूनी आधार नहीं मिलने की वजह से यूआईडीएआई फिलहाल एक आदेश के तहत 12 अंकों का आधार कार्ड जारी कर रहा है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को 2016-17 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि हम कानून पारित करने समेत महत्वपूर्ण सुधार करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आधार मंच को सांविधिक समर्थन के साथ सरकार के सभी किस्म के लाभ उन लोगों तक सीधे पहुंचाया जाए जो इसके हकदार हैं।
गौरतलब है कि अब तक 98 करोड़ आधार नंबर जारी किए जा चुके हैं। प्रति दिन 26 लाख बायोमेट्रिक और 1.5 लाख ई-केवायसी (अपने ग्राहक को जानो) को अंजाम दिया जा रहा है।
आधार संख्या को 11.19 करोड़ प्रत्यक्ष लाभ अंतरण खातों से जोड़ा गया है जबकि इसके लाभार्थियों की संख्या कुल 16.5 करोड़ है। राज्य सभा में भारतीय राष्ट्रीय पहचान प्राधिकार विधेयक 2010 लंबित है।
आधार कार्ड हर भारतीय नागरिक को पहचान देता है। साथ ही रेसिडेंस प्रूभ भी। सरकार ने जनवरी 2009 में योजना आयोग के अधीन काम करने के लिए यूआईडीएआई का गठन किया था।
यह देश के सभी नागरिकों को मल्टीपरपज नेशनल आइडेंटिफिकेशन कार्ड जारी कर रहा है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। यह किसी भी बेनेफिट्स का आधार नहीं हो सकता।