Publish Date: Wed, 01 Feb 2017 (09:20 IST)
Updated Date: Wed, 01 Feb 2017 (10:27 IST)
नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता और सांसद ई. अहमद का दिल का दौरा पड़ने के बाद देर रात निधन हो गया। सांसद के निधन के बाद परंपरानुसार संसद की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी जाती है लेकिन बजट को आज ही पेश करने का निर्णय लिया गया।
बजट को बेहद गोपनियता के साथ रखा जाता है। उसे तैयार कर रहे 100 से ज्यादा अधिकारियों को गोपनियता के लिहाज से एक कमरे में कैद कर दिया जाता है। उनके मोबाइल जब्त कर लिए जाते हैं। यहां तक की उनके परिवार की भी निगरानी की जाती है। उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट जाता है।
चुंकी वित्तमंत्री को बजट की कॉपी मिलते ही ये अधिकारी बाहर आ गए थे। अत: गोपनियता के लिहाज से बजट आज ही पेश करना जरूरी हो गया था। बजट पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी जाएगी।
पहले भी हुआ है ऐसा : सूत्रों ने बताया कि अहमद के निधन के बाद लोकसभा अध्यक्ष के साथ अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें माना गया कि इस प्रकार का मामला पहली बार सामने नहीं आया है जब बजट पेश करने के पहले किसी सांसद का निधन हुआ है। पहले के ऐसे मामलों में बजट को रोका नहीं गया। इसलिए इस बार भी बजट को टालने का कोई औचित्य नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि 1954 में तत्कालीन सदस्य पॉल जुझार सोरेन के निधन रेल बजट के पहले हुआ था और दूसरा उदाहरण 1974 का है जब केन्द्रीय उद्योग राज्य मंत्री टी एस एम बी राणा का आम बजट के पहले निधन हो गया था। सूत्रों के अनुसार दोनों बार सदन में शोक व्यक्त करने के बाद बजट पेश किए गए और उसके उपरांत सदन की कार्यवाही स्थगित की गई।
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Publish Date: Wed, 01 Feb 2017 (09:20 IST)
Updated Date: Wed, 01 Feb 2017 (10:27 IST)