Publish Date: Sun, 14 Feb 2010 (18:58 IST)Updated Date: Sun, 14 Feb 2010 (18:58 IST)
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी द्वारा हिन्दी, अँगरेजी भाषा में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में देवी अहिल्या विवि के दल ने सफलता हासिल की है।
अँगरेजी भाषा के दल में शामिल हर्षराज टोंग्या, अभिनव डे ने प्रथम तथा हिन्दी भाषा के दल के हितेश बिहरानी, विश्वंभरनाथ तिवारी ने द्वितीय स्थान हासिल किया। स्पर्धा का विषय था वैश्वीकरण के पश्चात भारत में समाजवाद में नैतिक मूल्यों का ह्रास हुआ है।
अनुभव बहुत अच्छा रहा : हर्षराज टोंग्या ने बताया कि प्रतियोगिता का अनुभव बहुत अच्छा रहा। इस दौरान प्रमोद वास और महेश दुमालदार का सहयोग सराहनीय रहा। वहाँ स्पर्धा के दौरान दर्शकों ने सवाल भी पूछे।
उम्मीद थी प्रथम स्थान की : अभिनव डे कहते हैं कि हमें उम्मीद थी कि हमें प्रथम स्थान मिलेगा। स्पर्धा की जानकारी मिलते ही मित्रगण और प्रोफेसरों ने हमें तैयारी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। हमने तैयारी के लिए किताबों, इंटरनेट और न्यूज पेपर का सहयोग लिया।
विवि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया : विश्वंभरनाथ तिवारी ने बताया कि स्पर्धा में हिन्दी भाषा की स्पर्धा में 15 से अधिक विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने भाग लिया। हमें उम्मीद थी कि हमें बेस्ट स्पीकर के साथ ही प्रथम स्थान भी मिलेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। हम द्वितीय स्थान ही हासिल कर सके।
कलर्स को लेकर उत्साह : स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अगले हफ्ते कलर्स की शुरुआत होने वाली है। इसके अंतर्गत मैनेजमेंट और करंट अफेयर्स से जुड़ी अनेक गतिविधियाँ होंगी। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए होगा जिसमें फैकल्टीज का मार्गदर्शन और सहयोग भी शामिल होगा।
अपने स्तर पर सभी व्यस्त हैं : आईएमएस में कक्षाओं के दौर के साथ ही नवीन सत्र में जमा की जा रही फीस का दौर भी जारी है। इसलिए कुछ विद्यार्थी कक्षाएँ अटेंड करने में तो कुछ अपनी फीस जमा करने में व्यस्त थे। अनुराग सोलंकी ने बताया कि कुछ ही दिनों में कैम्पस में अनेक आयोजन होने वाले हैं। सभी अपने हिसाब से उस कार्य की तैयारी में जुटे हुए हैं।
हैदराबाद कहीं ज्यादा बेहतर है : हाल ही में स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के विद्यार्थियों का दल हैदराबाद में एक कंपनी इंटरव्यू के फाइनल राउंड में शामिल होकर आया। इस समूह में विभाग के क्षितिज गुप्ता, आकांक्षा गौर, शिरीष गुप्ता, पारुल कंचन, भावना फतेहचंदानी, शशांक जैन, शुभांग शर्मा और दिव्या गुप्ता शामिल थे।
विद्यार्थियों ने बताया कि बात यदि इंफ्रास्ट्रक्चर की जाए तो हैदराबाद यहाँ के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर है। वहाँ प्रत्येक बात काफी व्यवस्थित है। फिर बात शिक्षा की हो, सूचना की या फिर मनोरंजन की।
उन्होंने बताया कि हमारे यहाँ शहर को साफ-सुथरा बनाए जाने की बातें ज्यादा की जाती है और प्रेक्टिकल रूप में देखने को यह बात कम मिलती है। बजाए इसके हमने हैदराबाद में देखा कि भिखारी से लेकर आम आदमी तक सड़क पर गिरे कचरे को कचरापेटी में डालने से नहीं कतराता।
सभी की अभिव्यक्त क्षमता को परखा : विद्यार्थियों ने बताया कि हम सभी से साक्षात्कार के दौरान हमारी कम्यूनिकेशन स्कील्स, जनरल नॉलेज के साथ ही बॉडी लैंग्वेज को विशेष रूप से परखा गया। जिसका उद्देश्य वर्तमान समय के साथ हमारा जुड़ाव देखने के साथ ही स्वयं को दूसरों के सामने अभिव्यक्त करने की क्षमता देखना था।
कृषि महाविद्यालय में प्लेसमेंट का दौर : कृषि महाविद्यालय में रतलाम की कंपनी धान फाउंडेशन-डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमन एक्शन उपस्थित थी। कॉलेज की प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ.संध्या चौधरी ने बताया कि साक्षात्कार के पहले लिखित परीक्षा में बीएससी एग्रीकल्चर और एमएससी एग्रीकल्चर के कुल 70 विद्यार्थी शामिल हुए। जिसमें से 19 को साक्षात्कार के लिए चुना गया है।