नया सेमेस्टर, नई पढ़ाई और भी बहुत कुछ नयापन झलक रहा है इन दिनों कैम्पस में। एक ओर नया सत्र शुरू हुआ है तो दूसरी ओर कंपनी प्लेसमेंट का दौर भी चल रहा है। विद्यार्थी इन दोनों ही बातों का पूरा मजा उठाने के साथ ही कक्षाओं में व्यस्त दिखाई पड़ रहे हैं। कैम्पस के ऐसे ही कुछ दृश्यों को पाठकों तक पहुँचाती यह रिपोर्ट।
सेमेस्टर्स ब्रेक के छोटे से अंतराल के बाद न सिर्फ कैम्पस में विद्यार्थियों की चहल-कदमी बढ़ी है बल्कि विभाग विशेष में लगने वाली नियमित कक्षाओं का दौर भी अब शुरू हो गया है। सोमवार को कैम्पस का माहौल कुछ ऐसा ही नजर आया। विद्यार्थियों के समूह हमेशा की तरह कैंटीन में मौज-मस्ती करते, लाइब्रेरी एरिया में बातचीत करते दिख रहे थे। रहा सवाल बगीचे और पार्किंग एरिये का तो यह स्थान तो हमेशा ही आबाद रहने वाला है। इसके अलावा अधिकतर विभागों में लगी गाड़ियों की कतार दर्शा रही थी कि नियमित कक्षाओं को दौर शुरू हो चुका है। अंतिम रिजल्ट अगले सप्ताह : प्लेसमेंट का दौर कैम्पस में शुरू हो गया है। इसी श्रृंखला में सोमवार को हैदराबाद की कंपनी ग्रीन बैक फारेक्स कंसल्टेंट ने स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के विद्यार्थियों को चयन प्रक्रिया के पहले दौर में परखा। इस प्रक्रिया में शामिल विभाग के 80 विद्यार्थी एमबीए इंटरनेशनल बिजनेस, एमबीए फाइनेंशियल सर्विसेस और एमबीए बिजनेस इकोनॉमिक्स के थे। विभाग के मीडिया कॉर्डिनेटर श्री वसीम ने बताया कि कंपनी ने चयन प्रक्रिया के पहले चरण में विद्यार्थियों को ग्रुप डिस्कशन, व्यक्तिगत चर्चा जैसे विषयों पर परखा। प्लेसमेंट के फाइनल रिजल्ट अगले सप्ताह तक आएँगे। रिफ्रेशर कोर्स प्रोग्राम : एकेडमिक स्टाफ कॉलेज के सहयोग से स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में टीचर्स हेतु 21 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स संचालित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न स्थानों से आए अनेक महाविद्यालयों के कुल 34 प्राध्यापक शामिल हैं। इसका मुख्य विषय शोध अनुसंधान और उसकी प्रणालिया रखा गया है। इसके अंतर्गत सोमवार को सांिख्यकी आँकड़े और उनके विश्लेषण हेतु कम्प्यूटर आधारित सॉफ्टवेयर पैकेज पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की संयोजनकर्ता डॉ. रेखा आचार्य ने बताया कि मुख्य वक्ता श्री पुजारी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम यूजीसी द्वारा प्रायोजित है। पर्यावरण रैली का आयोजन : स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के विद्यार्थी रोहन शर्मा ने बताया कि बुधवार को संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती एक रैली का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्यावरण को वायु, जल और थल प्रदूषण से बचाने का संदेश देने के साथ ही युवाओं को इस कार्य के लिए आगे लाना है। बगीचों में विद्यार्थियों के समूह : मौसम से ठंड न नदारद हुई है और न बिलकुल जमी हुई है। कुल मिलाकर एक अलग ही माहौल बना हुआ है। इसी के चलते सोमवार को विद्यार्थियों के अनेक समूह बगीचे में बैठे नजर आए। स्कूल ऑफ फिजिक्स के विद्यार्थी शशांक ने बताया कि फिलहाल ब्रेक टाइम चल रहा है, इसलिए अपने ग्रुप के साथ बगीचे में आ गए। बीच-बीच में थोड़ा ब्रेक तो बनता है। कैंटीन में गप्पे : अभी परीक्षाओं का दौर बीते ज्यादा समय नहीं हुआ है। क्लासेस तो रेगुलर शुरू हो गई है, लेकिन कुछ दोस्त अभी तक घर से नहीं लौटे हैं। थोड़ी मौज-मस्ती के मूड से कैंटीन में आए हैं। यह कहना था वैभव का। वे कहते हैं कि कैंटीन में आना तो अमूमन लगा ही रहता है, दोस्तों के साथ गप्पे मारने की एक बेहतर जगह यह भी है।