आप निडर हैं... गुणों की खान हैं और बुद्धिमान भी हैं फिर भी आगे नहीं बढ़ पाते हैं। कई बार युवा साथी अपने बारे में इसी की तरह सोचते हैं कि वे अपनी ओर से ढेर सारी मेहनत करते हैं फिर क्या बात है कि वे तेजी से आगे नहीं बढ़ पाते जबकि उनके साथ के लोग काफी आगे जा चुके होते हैं।
इस विचार में प्रतिस्पर्धा की भावना है, पर ईर्ष्या की भावना नहीं है और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होना कोई बुरी बात भी नहीं। पर असल मुद्दा तो यही है कि जिंदगी में सफलता प्राप्ति के लिए आगे कैसे बढ़ें।
कई युवा साथी अपने आपको औसत समझते हैं और इसी मानसिकता के साथ जिंदगी में आगे बढ़ते रहते हैं। जिंदगी उन्हें इस औसत से ऊपर उठने के कई मौके भी देती है, परंतु वे जिंदगी के उन इशारों को समझ नहीं पाते। दरअसल, श्रेष्ठ व्यक्ति को मौका मिले और वह आगे बढ़ जाए तब इसमें नयापन क्या है? ऐसा तो होता ही आ रहा है फिर औसत का श्रेष्ठ की ओर जाने का प्रयास ही विशेष की श्रेणी में आएगा और यह सही भी है।
औसत से श्रेष्ठ की ओर कदम बढ़ाने के लिए सबसे पहले आत्मविश्लेषण करने की जरूरत है। इसके माध्यम से अपनी कमजोरियों को समझें और इस सच से सही तरीके से सामना करें। अगर आपने अपनी कमजोरियों को स्वीकार कर लिया, तब आप सधे कदमों से श्रेष्ठता की ओर भरने की ओर आगे बढ़ रहे है।
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अधिकांश औसत युवा साथियों की सबसे पहली कमजोरी होती है कि वे अपने आपको सही तरीके से अभिव्यक्त नहीं कर पाते हैं। वे भले ही अपने कार्य में श्रेष्ठ हों, पर वे अपनी श्रेष्ठता को अभिव्यक्त नहीं कर पाते हैं। अगर आपको अपनी बात दुनिया के सामने रखते नहीं आए तब आपके श्रेष्ठ कार्य का आकलन कैसे होगा?
दुनिया को कैसे पता चलेगा कि आप प्रतिभाशाली हैं और औसत नहीं बल्कि श्रेष्ठ हैं? दरअसल, अब सेल्फ सेलिंग का कंसेप्ट है यानी आपको दुनिया के सामने बार-बार यह बताना होगा कि आप ही श्रेष्ठ हैं और क्यों आप श्रेष्ठ हैं इसके लिए लॉजिकली अपने तर्कों को अलग-अलग तरीके से दुनिया के सामने रखने होगा तभी आपकी ओर ध्यान जाएगा।
करियर में आगे बढ़ने के लिए भी आपको अपनी श्रेष्ठता साबित करने के लिए स्वयं की काबिलियत को दुनिया के सामने रखना ही पड़ता है तभी तो दुनिया मानेगी कि आप में दम है। श्रेष्ठता साबित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि आप किस तरह अपनी बात रखते हैं और यहीं आती है कम्युनिकेशन स्कील्ज की बात।
आज के इस दौर में कम्युनिकेशन पर ध्यान देना जरूरी है। आप कैसा बोलते हैं... कितना बोलते हैं और किस तरह से बोलते हैं ये बातें काफी महत्वपूर्ण हैं। अगर आपके पास अच्छा आइडिया है, पर आप उसे अपने बॉस के सामने सही तरीके से नहीं रख पाए, क्योंकि आपकी कम्युनिकेशन स्कील्ज कमजोर है तब आगे बढ़ने और श्रेष्ठता प्राप्त करने के मौके गँवा सकते हैं। दोस्तो, दुनिया को अपने कदमों में लाना हो तब इस दुनिया के सामने पहले अपनी बात सही तरीके से रखने की पहल करें। देखें फिर क्या कमाल होता है।