Career Options %e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8 %e0%a4%95%e0%a4%be %e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a0%e0%a4%be %e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0 107101800017_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

एनिमेशन का अनूठा संसार

Advertiesment
एनिमेशन
NDND
'एनिमेशन' शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'एनिमा' से हुई है जिसका अर्थ आत्मा होता है। इस लिहाज से एनिमेशन का अर्थ जिंदगी का पात्रों में साँस लेना है। यदि एनिमेशन के इतिहास की बात की जाए तो इसका प्रादुर्भाव आदिकाल में तब से हो गया था, जब गुफाओं में गुफा मानव ने चट्टानों में चित्रों को उकेरा था।

गुफाओं से आरंभ हुआ एनिमेशन का स्वरूप समय और काल के साथ बदलता रहा है। यदि गुफाओं के भित्ति चित्र तत्कालीन एनिमेशन आर्ट्‌स का स्मरण कराते हैं तो मिकी माउस के जनक वाल्ट डिज्ने को कौन भूल सकता है। मौजूदा समय में एनिमेशन का अर्थ श्रृंखलाबद्ध ड्राइंग्स और उनकी एक साथ गतिविधियों का सिमुलेशन है।

इसमें द्विआयामी अथवा त्रि-आयामी छवियों को तेजी से प्रदर्शित कर गति या उनके चलायमान होने का भ्रम पैदा किया जाता है। यह कला का ऐसा स्वरूप है, जिसमें ड्राइंग द्वारा तैयार की गई वस्तुओं को क्रमबद्ध छवियों के माध्यम से सजीव बनाया जाता है।

बरस रहा है पैसा
इन दिनों एनिमेशन मीडिया के एक विशेष रूप की तरह उभर रहा है। यह मल्टी बिलियन डॉलर इंडस्ट्री के रूप में विकसित हो चुका है। साथ ही इस कला में दक्ष लोगों को रोजगार के शानदार अवसर उपलब्ध करा रहा है। एनिमेशन को फ्लिक बुक से लेकर कहानियों के थ्री-डी कम्प्यूटर एनिमेशन बनाने में कठोर परिश्रम के साथ घंटों की कार्ययोजना बनानी पड़ती है।

भारत के लिए अपेक्षाकृत नए इस क्षेत्र में अनेक छिपी प्रतिभाएँ और कौशल वाले लोग हैं जिन्हें ठीक तरह परिमार्जित कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है ताकि पैसों की बरसात कर रहे इस क्षेत्र से झर रहे पैसों को उलीचा जा सके। वाल्ट डिज्नी, आई मैक्स और सोनी जैसी कंपनियाँ अपने कार्टून पात्रों के लिए आउटसोर्सिंग के साथ भारत में इस क्षेत्र पर भारी निवेश के लिए तैयार हैं।

कार्य की प्रकृति
थ्री-डी एनिमेशन पूर्णतया एक टीमवर्क है जो सृजनात्मक विचारों पर आधारित है। खुद थ्री-डी एनिमेशन अपने आप में करियर संयोगों की व्यापक किस्मों का संयोग है। थ्री-डी एनिमेशन मूवी में निम्नलिखित चरणों पर कार्य किया जाता है : स्टोरी बोर्डिंग, कैरेक्टर स्केच, कंसेप्ट क्रिएशन, मॉडलिंग, एनवायरमेंट्स, रिगिंग, केरेक्टर एंड मैकेनिकल एनिमेशन, स्टोरी बोर्ड एनिमेशन, लाइटिंग, टैक्सचरिंग, डायनामिक्स, वाइस रिकार्डिंग, डिजिटल एडिटिंग, वीएफएक्स, फाइनल फिल्म।

इसीलिए इस क्षेत्र में निम्न रूप से करियर बनाया जा सकता है। मॉडलर, ले आउट आर्टिस्ट, क्लीन-अप आर्टिस्ट, स्केनर ऑपरेटर, डिजिटल इंक एंड पेंट आर्टिस्ट, कम्पोजिटर, की फ्रेम एनिमेटर, बैकग्राउंड आर्टिस्ट तथा इन-बिटवीन एनिमेटर। एनिमेटेड प्रोजेक्ट के सफलतम सृजन के लिए प्रत्येक भूमिका महत्वपूर्ण है।

स्रोत: नईदुनिया अवसर

एनिमेशन एक सृजनात्मक कार्य है इसलिए इसमें करियर बनाने वाले एनिमेटर में सृजनशीलता का होना बहुत आवश्यक है। चूँकि यह कोई यांत्रिक विषय नहीं है, इसलिए इसमें ढेर सारे धैर्य और कल्पनाशीलता की आवश्यकता होती है। एनिमेटर को स्केचिंग और ड्राइंग में दिलचस्पी होना चाहिए। किसी भी एनिमेशन को बनाने में पूर्ण समर्पण और लंबे समय तक लगातार काम करने की आवश्यकता होती है।

इसमें शामिल होने वालों का दृष्टिकोण व्यापक तथा रंगों की अच्छी पहचान और पसंद होनी चाहिए। हालाँकि यह पेशा उतना भड़कीला या चमकदार नहीं दिखाई देता है तथापि यह अत्यधिक रोमांचक है। फिर भी जब तक किसी में इस कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा और अभिरुचि न हो उसे इस क्षेत्र में प्रवेश नहीं करना चाहिए।

शैक्षणिक योग्‍यता
एनिमेशन में डिप्लोमा और बैचलर डिग्री प्राप्त करने के लिए प्रत्याशी को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 45 प्रश अंकों में बारहवीं उत्तीर्ण होना चाहिए। इसमें पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रम के लिए किसी भी विषय में खासकर कला विषयों में स्नातक उपाधि होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्हें कम्प्यूटर पर काम करने का बुनियादी ज्ञान भी होना चाहिए।

इंडस्ट्रीयल डिजाइन सेंटर (आईडीसी), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑव टेक्नोलॉजी (आईआईटी) तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑव डिजाइन (एनआईडी) से पाठ्यक्रम करने के लिए कुछ सख्त पात्रता मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इन प्रतिष्ठित संस्थानों में केवल आर्किटेक्चर टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग तथा फाइन आर्ट्‌स के स्नातकों को ही प्रवेश दिया जाता है।

प्रशिक्षण
एनिमेशन और मल्टीमीडिया के कई डिप्लोमा और डिग्री कोर्स प्रचलित हैं। ये पाठ्यक्रम किसी व्यक्ति की एनिमेशन की विभिन्न शैलियों तथा तकनीकों के बारे में शिक्षण एवं प्रशिक्षण पर आधारित हैं। इनमें शामिल हैं-
ट्रेडिशनल एनिमेशन
स्टॉप मोशन एनिमेशन
रोटोस्कोपिंग
कम्प्यूटर जनरेटेड थ्री-डी और टू-डी एमिनेशन
क्ले-मेशन
फोटोशॉप
ह्यूमन एनाटॉमी
ड्राइंग

स्रोत: नईदुनिया अवसर

महत्वपूर्ण संस्‍था
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑव डिजाइन (एनआईडी)
जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्‌स
जी इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव आर्ट्‌स
इंडस्ट्रीयल डिजाइन सेंटर, आईआईटी मुंबई और गुवाहाटी
एरीना मल्टीमीडिया
माया एकेडमी ऑफ एडवांस सिनेमेटिक्स
टूज एनिमेशन इंडिया प्रायवेट लि.
अकेडमी ऑव डिजिटल आर्ट्‌स एंड कॉमर्स
राय यूनिवर्सिटी
एनिमास्टर

उजले अवसर
नास्कॉम का मानना है कि 2010 तक भारत की गेमिंग इंडस्ट्री (कम्प्यूटर गेम्स और मोबाइल गेम्स ) से 424 बिलियन डॉलर की राशि पैदा होगी। भारत की पदमालय फिल्म्स और इटली की मोण्डो टीवी के बीच 14 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुबंध हुआ है। मोण्डो टीवी को योरप का दूसरे क्रम का कार्ट्‌न निर्माता तथा वितरक माना जाता है। इससे भारत की सृजनात्मक प्रतिष्ठा बढ़ने की संभावना है।

नास्कॉम के अनुसार एनिमेशन के क्षेत्र में अगले कुछ वर्षों में 3 लाख जॉब निर्मित होंगे। हालाँकि भारतीय एनिमेशन उद्योग ने बूम पीरियड में देरी से प्रवेश लिया है, फिर भी यहाँ करियर निर्माण की अपार संभावनाएँ हैं। भारत में पौराणिक गाथाओं तथा पात्रों के साथ-साथ अच्छे कलाकारों और तकनीशियनों की कोई कमी नहीं है। एनिमेशन का निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रयोग किया जा सकता है:

मनोरंजन (मूवी और टेलीविजन)
व्यवसाय (प्रोडक्ट प्रमोशन और मार्केटिंग डेमो)
विक्रय (प्रस्तुतिकरण)
शिक्षा (कम्प्यूटर आधारित ट्यूटोरियल्स/ वेब आधारित ट्यूटोरियल्स)
प्रकाशन (ग्राफिक्स और प्रिंटिंग)
डिफेंस में वर्चुअल रिएलिटी
वेब डिजाइनिंग
इंजीनियरिंग
विज्ञापन (कमर्शियल और प्रिंट एड्स)
कम्प्यूटर गेम्स/मोबाइल गेम्स का विकास
मेडिकल, लीगल और इंश्योरेंस उद्योग (प्रस्तुतिकरण और मॉडल्स)

स्रोत: नईदुनिया अवसर

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi