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कम पढ़ाई, अच्‍छी कमाई

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बीपीओ करियर आय
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समता राठौ

अगर आपका अकादमिक रिकॉर्ड ज्‍यादा अच्‍छा नहीं है और ग्रेजुएशन में आपने बहुत अच्‍छे प्रतिशत नहीं हासिल किये हैं। आप आगे पढ़ना भी नहीं चाहते हैं। तब भी आपके पास करियर बनाने और अच्‍छी आय अर्जित करने का अवसर उपलब्‍ध है।

यह अवसर आपको मिलेगा, बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) के क्षेत्र में। आज के समय बीपीओ का क्षेत्र सबसे तेज गति पकड़ रहा है। इस समय भारत में बीपीओ करीब 47.8 बिलियन डालर का कारोबार कर रहे हैं।

पिछले नौ सालों में बीपीओ के क्षेत्र में दस गुना वृद्धि हुई हैं। सन् 1998 में बीपीओ का कारोबार 4.8 बिलियन डालर था। आज बीपीओ में करीब 1.6 मिलियन लोग काम कर रहे हैं।

आज केवल बीपीओ ही ऐसा सेक्‍टर माना जाता है, जिसमें केवल अच्‍छी अँग्रेजी के बलबूते 10,000 से ज्‍यादा मासिक आय अर्जित की जा सकती है।

किसी भी विषय में स्‍नातक युव‍क-युवतियाँ, जिन्‍होंने स्‍नातक स्‍तर पर अच्‍छे अंक भले ही हासिल ना किये हों, लेकिन यदि उनकी अँग्रेजी अच्‍छी है तो वे बीपीओ के क्षेत्र में प्रविष्‍ट हो सकते हैं।

आज हर कोई इस सेक्‍टर की ओर आकर्षित हो रहा है। इसकी वजह बीपीओ की ओर से दी जाने वाली आकर्षक सैलरी और अन्‍य सुविधाएँ हैं।

यह कंपनियाँ ना सिर्फ बारहवीं और स्‍नातक के बाद नौकरियाँ दे रही हैं, बल्कि आगे की पढ़ाई का मौका भी दे रही हैं। कई कंपनियाँ अपने खर्चे पर अपने कर्मचारियों को एमसीए व एमबीए जैसे कोर्स की सुविधा देती हैं।

यह कंपनियाँ अपने कर्मचारियों को 'पिक एंड ड्राप' घर से लाने और ले जाने की सुविधा देती हैं।

कुछ कंपनियाँ रहने के लिए कम मूल्‍य पर फ्लैट भी उपलब्‍ध करवाती हैं।

सबसे अच्‍छी बात यह है कि तंख्‍वाह बहुत अच्‍छी होती है। कुछ कंपनियाँ फ्रेशर्स को 15000-16000 भी दे रही हैं।

अच्‍छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को ट्रेनिंग व प्रोजेक्‍ट के लिए विदेश जाने का मौका भी मिलता है।

यह सभी तथ्‍य इस बात की ओर संकेत करते हैं कि बीपीओ से करियर का एक बहुत अच्‍छा विकल्‍प है। खासतौर पर उन लोगों के लिए, जो स्‍नातक के बाद ही कुछ करना चाहते हैं। अब तक अधिकतर बीपीओ बहुराष्‍ट्रीय कंपनियाँ ही हैं। अब धीरे-धीरे भारतीय कंपनियाँ भी इस बाजार में उतर रही हैं।

(‍लेखिका एक निजी महाविद्यालय में प्‍लेसमेंट अधिकारी हैं।)

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