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ऐश-अभि का दाम्पत्य जीवन

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ऐश-अभिषेक मिलन
ऐश्वर्या-अभिषेक बच्चन इस वक्त सर्वाधिक चर्चा में हैं। कभी ऐश के चुंबन को लेकर बच्चन परिवार खफा हो जाता है और तो कभी उन्हें चुनिन्दा फिल्में ही करने को कहा जाता है। तो आइए देखते हैं कि ऐश व अभिषेक की कुंडली के आधार पर दोनों का समय कैसा रहेगा।

ऐश-अभिषेक की कुंडली का मिलान किया जाए तो 22.5 गुण मिलते हैं, जो विवाह बंधन के लिए उपयुक्त होते हैं, लेकिन इन दोनों की पत्रिकाओं को देखें तो ग्रहों की स्थिति ठीक नहीं है। जहाँ अभिषेक की पत्रिका में शनि-मंगल आमने-सामने पंचम एकादश हो रहा है वहीं ऐश की कुंडली में दाम्पत्य का कारक शुक्र-अग्नि तत्व की राशि धनु में नीच के राहू व मन के कारक चंद्रमा के साथ है व शनि की कुदृष्टि पड़ रही है। इसके प्रभाव से इनका दाम्पत्य जीवन कुछ ठीक नहीं रहेगा। अभिषेक की कुंडली को देखा जाए तो सप्तमेश जीवनसाथी भाव का स्वामी सूर्य शनि की शत्रु राशि मकर में होकर द्वादश भाव में है।

अतः दाम्पत्य जीवन का व्यय होना, नष्ट होना या सुखी न रहना जैसी बात होती है। ऐश का जन्म 1 नवंबर 73 को तुला लग्न, तुला नवांश में हुआ, वहीं अभिषेक का जन्म 5 फरवरी 75 को कुंभ लग्न, कुंभ नवांश में हुआ है। ऐश की कुंडली में मंगल दोष है, लेकिन मंगल स्वराशि मेष का होने से मंगल दोष नहीं माना जाता।

अब अभिषेक की पत्रिका में देखें तो लग्न में गुरु है, अतः वैसे भी मंगल दोष नहीं रहता। ऐश की कुंडली में सर्वाधिक दोषी ग्रह बैठे हैं तो अग्नि तत्व के शुक्र नीच के राहु के साथ का चंद्रमा होना व शनि की दृष्टि पड़ना ही मुख्य कारण है। अभिषेक की पत्रिका में सर्वाधिक दोषी ग्रह शनि-मंगल का विस्फोटक योग है, जो 40 वर्ष की उम्र के बाद से अपना प्रभाव दिखाता है व उसके जीवन को तबाह कर देता है।

शनि की तृतीय दृष्टि सप्तम भाव पर शत्रु पड़ रही है, वहीं सप्तमेश भी शत्रु राशि में है, अतः उनका दाम्पत्य जीवन जया बच्चन जैसा कदापि नहीं रहेगा। वहीं अमिताभ बच्चन को पश्चाताप रहेगा। ऐश की कुंडली में लग्न में सूर्य नीच का है, जो अभिषेक की कुंडली में सप्तम भाव का भावाधिपति है। ऐश की कुंडली में धर्म, न्याय पृथक्करण का कारक गुरु भी नीच का है, जो उचित नहीं है।

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