संप्रग सरकार पर लटकी तलवार और अमरसिंह व मुलायमसिंह यादव माया सरकार से बचने के लिए बन बैठे सरकार के पालनहार। जब प्रकाश करात ने संप्रग सरकार से समर्थन वापस लिया तो अमरसिंह ने अपना 39 सांसदों का समर्थन पत्र राष्ट्रपति महोदया को सौंप दिया। अब 22 जुलाई को फैसला होगा कि सरकार बचती है या जाती है। यहाँ पर अमरसिंह अपनी अहम भूमिका निभाने जा रहे हैं। देखें क्या कहते हैं अमरसिंह के सितारे। आपका जन्म 27 जनवरी 1956 को सिंह लग्न सिंह नवांश कर्क राशि में हुआ है। संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी का जन्म लग्न कर्क है। वहीं मनमोहनसिंह धनु लग्न के हैं व उनकी पत्रिका में अष्टम भाव में कर्क राशि आती है, जो अष्टमेश दोष से मुक्त है।सपा महासचिव अमरसिंह की पत्रिका में भाग्य का स्वामी मंगल चतुर्थ भाव में स्वराशिस्थ होने से आप भाग्यवान हैं। सम्पत्ति का सुख बहुत है। वहीं शनि षष्ठेश व सप्तमेश होने से आप कभी भी मंत्री नहीं बन सके। लग्न में पंचमेश गुरु पंचम को स्वदृष्टि से देखने के कारण आपका दिमाग बहुत तेज चलता है। |
| जब प्रकाश करात ने संप्रग सरकार से समर्थन वापस लिया तो अमरसिंह ने अपना 39 सांसदों का समर्थन पत्र राष्ट्रपति महोदया को सौंप दिया। अब 22 जुलाई को फैसला होगा कि सरकार बचती है या जाती है। |
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जहाँ आपने बिग बी अमिताभ बच्चन के पालनहार बनकर उनकी डुबती नैया को पार लगाया, ठीक उसी प्रकार संप्रग सरकार की डुबती नैया को सहारा देने पहुँच गए। आपकी राशि कर्क पुष्य नक्षत्र होने से आपके मन में श्रद्धा-विश्वास व परोपकार की भावना रहती है, लेकिन कर्क राशि चर राशि है व मन को प्रभावित करती है।
अत: बगैर स्वार्थ के तो आप कोई कार्य नहीं करते क्योंकि वह लग्नेश सूर्य से दृष्ट है और सूर्य चंद्र का पूर्णिमा योग भी बन रहा है। अत: आपमें महात्वाकांक्षा होना स्वाभाविक है। शनि लग्न को शत्रु दृष्टि से देख रहा है वहीं शनि तृतीय दृष्टि से शनि की राशि में सूर्य को देखने के कारण आप हमेशा विवादों में भी रहे।
मैंने 2005 में लिखा था कि अमरसिंह की छवि पर संकट नहीं, सो सही साबित हुआ और अब आपका वर्चस्व इसी बात पर टिका है कि आप संप्रग की डुबती नाव को बचा सकें। वैसे आपका भाग्य मजबूत है लेकिन वर्तमान में शनि-मंगल की युति सिंह पर चल रही है वहीं आपकी पत्रिका में लग्न से गोचर भ्रमण कर रहा है। जबकि मनमोहनसिंह की पत्रिका में भाग्य से और सोनिया गाँधी की पत्रिका में द्वितीय भाव से कर रहा है। लेकिन गुरु का गोचरीय भ्रमण धनु से होने के कारण संप्रग सरकार बच जाएगी।