अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश इन दिनों परेशान हैं। उन्हें नित नवीन सर्वेक्षणों के माध्यम से लगातार पिछड़ते हुए दिखाया जा रहा है। बुश की जन्मकुंडली में राहू केंद्र में तथा सप्तम में केतु है। वैवाहिक स्थिति में प्रतिकूलता दर्शाती यह कुंडली यह भी स्पष्ट करती है कि ऐसे व्यक्ति रहस्यमयी होते हैं तथा पारिवारिक प्रतिकूलताएँ उन्हें प्रभावित नहीं करती। सप्तमेश शनि तुला राशि में उच्च का है। ऐसा शनि राजयोग निर्मित करता है। लेकिन केंद्रस्थ राहू की विशेषता है कि वह अचानक लाभ और अचानक हानि देता है। सप्तम में केतु-मंगल दोष का निवारण भी इसी शनि से हो रहा है। शनि तृतीय अथवा नवें भाव में हो तो जीवनसाथी के भाग्योदय का कारण बनता है।बुश के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं क्योंकि वर्तमान गोचर के अनुसार मंगल शनि उनके केंद्र में है अर्थात सिंह राशि में मंगल-शनि चल रहे हैं। इस आधार पर कहा जा सकता है कि बुश को व्यापक जनसमर्थन की उम्मीद अब छोड़ देनी चाहिए।
गोचर एवं कुंडली दोनों में स्थित मंगल पराक्रमी और विजयी बनाता है लेकिन साथ में केतु और गोचर के मंगल-शनि इस योग को भंग करते नजर आ रहे हैं। गोचर वर्तमान में ग्रहों की चलित स्थिति को कहा जाता है।
बुश अपनी दशा-अंतर्दशा का भरपूर उपयोग कर चुके हैं। उन्हें विश्वव्यापी प्रसिद्धि एवं कुप्रसिद्धि दोनों हासिल हो चुकी है। वर्तमान सितारों की स्थिति बताती है कि अब उनके गुमनामी के दिन करीब आ गए हैं।
भविष्य में किसी बड़े विवाद में नाम उछलेगा उसके तुरंत बाद बुश की खबरों से मीडिया भी कतराने लगेगा अर्थात उनकी लोकप्रियता (?) के दिन शीघ्र ही लदने वाले हैं।