महाराष्ट्र में नई सरकार
स्थिर लग्न के कारण संकट नहीं
महाराष्ट्र की राजधानी महानगर मुम्बई में 8 दिसंबर को सायंकाल 4.50 बजे के लगभग महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में अशोक चव्हाण व उपमुख्यमंत्री के रूप में छगन भुजबल ने शपथ ली। शपथ लग्न के समय स्थिर वृषभ लग्न कुंभ नवांश दोनों ही स्थिर लग्न के थे। भारतीय शास्त्रों में माना जाता है कि कोई भी कार्य स्थिर लग्न में किया जाए तो शुभ होकर वह कार्य सफल होता है। अतः महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में अशोक चव्हाण की सफलता में कोई बाधा वाली बात नहीं रहेगी। शपथ लग्न के समय लग्नेश व षष्ठेश शुक्र नवम भाग्य में होकर राहु के साथ विराजमान है। वहीं भाग्येश व कर्मेश शनि शत्रु राशि में होकर चतुर्थ जनता भाव में है। लेकिन शनि की उच्च दृष्टि षष्ठ भाव पर पड़ने से व शासक भाव दशम पर स्वदृष्टि होने से शासक वर्ग शत्रु पक्ष पर सख्त नजर आएगा।
इधर मंगल सप्तमेश मारक होकर द्वादशेश सप्तम में स्वराशिस्थ होने से व मंगल सौम्य राशि में होने से घटनाओं में कमी अवश्य देखने को मिलेगी। लग्न पर मंगल, सूर्य, बुध की पूर्ण दृष्टि होने से शासक वर्ग सख्त रहेगा व रहना भी चाहिए। इस समय जल तत्व की राशि मीन थी, इसका स्वामी गुरु अष्टम में स्वराशि का होकर अग्नितत्व की राशि धनु में बैठा है।
यहाँ से गुरु की मित्र दृष्टि द्वादश भाव पर पड़ने से बाहरी संबंधों के कारण आतंकवाद को कुचलनें में सहायता भी मिलेगी। शपथ लग्न के समय पंचमेश व धनेश बुध की महादशा में राहु में गुरु में बुध का ही अन्तर चल रहा होने से गुप्त शत्रुओं से सावधानी भी रखना होगी। जरा-सी लापरवाही नुकसानदेय साबित हो सकती है।