Chhattisgarh Election 2008 %e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0 %e0%a4%b8%e0%a5%87 %e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0 %e0%a4%a4%e0%a4%95 108101300103_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

सहकार से सरकार तक

Advertiesment
चुनाव 200
रायपुर। सर्वाधिक एक दर्जन से ज्यादा विधायक रायपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने दिए। वर्ष 1922-1938 तक बैंक के अध्यक्ष रहे पंडित रविशंकर शुक्ल अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। वहीं वर्ष 1974 से 1976 तक अध्यक्ष रहे बृजलाल वर्मा केंद्रीय मंत्री बने। इसी कार्यकाल में बैंक के सचिव रहे रामलाल चंद्राकर तत्कालीन राज्य सरकार में मंत्री बनाए गए।

मंत्री बनने वाले अध्यक्षों की सूची में मोहनलाल चौधरी व मोहम्मद अकबर भी हैं। विधानसभा पहुँचने में कामयाब रहने वाले बैंक अध्यक्षों में महंत लक्ष्मीनारायण दास, मुन्नालाल शुक्ल, महेन्द्र बहादुर सिंह व राधेश्याम शर्मा शामिल हैं। बैंक के संचालक यशवंतराव मेघावाले राज्य में मंत्री रहे। फिलहाल उनके बेटे प्रभातराव मेघावाले मगरलोड ब्लॉक से बैंक के संचालक हैं। वर्ष 1980-81 में कलेक्टर की हैसियत से बैंक के अध्यक्ष रहे अजीत जोगी राजनीति में उतरने के बाद राज्यसभा, लोकसभा और विधानसभा पहुँचे। सोमप्रकाश गिरी भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए।

बदली राजनीतिक परिस्थितियों के चलते फिलहाल वे कांग्रेस में हैं। विधायक बनने वाले बैंक प्रतिनिधियों में भाजपा के त्रिलोचन प्रधान, देवजी पटेल, शिवरतन शर्मा और कांग्रेस के अशोक सोम व विधान मिश्रा शामिल हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने भी विधायक और मंत्री दिए हैं। वर्ष 1980 में मार्कफेड के अध्यक्ष रहे वासुदेव चंद्राकर (अब दिवंगत) कांग्रेस के विधायक रहे।

उनके संचालक मंडल के सदस्य रहे विजय गुरु को तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने अपने मंत्रिमंडल में स्थान दिया। मार्कफेड अध्यक्ष बनने के बाद गुरुमुख सिंह होरा भी विधानसभा पहुँचने में कामयाब हुए। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी आवास संघ के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा और अपेक्स बैंक के अध्यक्ष डोमेन्द्र भेड़िया भी सहकारिता के रास्ते विधायक बनने में कामयाब हुए।

प्रदेश के सहकारी आंदोलन पर शुरू से पुराने रायपुर जिले का दबदबा रहा है। तब आज के महासमुंद व धमतरी जिले भी उसके अंग हुआ करते थे। इसके बाद दुर्ग जिले का नंबर आता है। दुर्ग जिले से चंद्राकर व भेड़िया के अलावा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के उपाध्यक्ष रविन्द्र चौबे विधायक बने। चौबे दिग्विजय सिंह व जोगी मंत्रिमंडल के सदस्य रहे। इसी तरह हरिहर प्रसाद शर्मा भी सहकारिता के रास्ते मंत्री बने। पाटन के पूर्व विधायक कैलाश शर्मा भी सहकारी आंदोलन की उपज हैं। (नईदुनिया)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi