ईसाई समुदाय का पाम संडे
1 से 8 अप्रैल तक मनेगा दुखभोग सप्ताह
पाम से ईस्टर संडे तक प्रभु की विशेष आराधना
संपूर्ण ईसाई समाज इन दिनों प्रभु यीशु की भक्ति में लीन है और आने वाले हफ्ते के कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। एक अप्रैल को पाम संडे के साथ चर्च में प्रारंभ होने वाला विशेष आराधना का दौर आठ अप्रैल को ईस्टर संडे तक जारी रहेगा। एक तरफ जहां ईसाई समाजजन प्रभु यीशु के सूली पर चढ़ने को लेकर दुख भोग करेंगे, वहीं उनके पुनः जी उठने की खुशियां भी मनेंगी। उल्लेखनीय है कि ईसाई समाज में बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी 40 दिन के उपवास कर यीशु की आराधना में लीन हैं। एक अप्रैल को कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट, पेन्टिकोस्टल सहित सभी समाजजन उपवास समाप्त कर पाम संडे (खजूर रविवार) मनाएंगे और इसी के साथ दुख भोग सप्ताह प्रारंभ होगा। माना जाता है कि यीशु ने 40 दिन के उपवास समाप्त कर पाम संडे को यरुशलम नगर (इसराइल) में प्रवेश किया था। उनके स्वागत में लोगों ने खजूर की डालियां लहराई थीं।
इसी के मद्देनजर 5 अप्रैल, गुरुवार को चर्चों में विशेष प्रभु भोज की आराधना होगी। इसमें धर्मगुरु समाजजनों के साथ भोजन करेंगे। यीशु ने इसी दिन अपने 12 चेलों के साथ अंतिम भोज किया था।तत्पश्चात 6 अप्रैल गुड फ्रायडे को दुख भोग दिवस मनाया जाएगा। इसी दिन प्रभु ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। समाज के प्रिंस योहन व सुधांशु पॉल ने बताया कि सूली पर चढ़ते वक्त प्रभु ने सात वाणियां कहीं थीं जो अमर हो गईं। गुड फ्रायडे पर सभी चर्चों में विशेष आराधना होगी। 8
अप्रैल को ईस्टर रविवार के दिन प्रभु का पुनरुत्थान होगा। यीशु पुनः जी उठेंगे और पूरे समाज में खुशी की लहर छा जाएगी। पुनरुत्थान दिवस पर चर्चों में विशेष आराधना होगी तथा ईसाई बंधु एक-दूसरे के साथ ईस्टर की खुशियां मनाएंगे।