माला विनती को प्रार्थना के रूप में बोलने का अर्थ होता है मरिया के माध्यम से ईश्वर से आशीष पाना और माता मरिया और येसु के जीवन में घटित घटनाओं का स्मरण करना।
संपूर्ण माला विनती पंद्रह रहस्यों से बना है। तीन प्रमुख भागों में विभक्त यह माला प्रत्येक भाग पाँच रहस्यों की घटनाओं का खुलासा करती है। प्रथम भाग सुख के पाँच रहस्य हैं, दूसरा भाग दुःख के पाँच रहस्य तथा तीसरा भाग बढ़ाई के पाँच रहस्यों में विभक्त है।
माला वितनी के प्रारंभ में हम ईश्वर से प्रार्थना करते है, कि हम इन्हें ठीक से बोल सकें।
फिर हम प्रेरितों का धर्मसार बोलते हैं, फिर एक हे पिता हमारे, तीन प्रणाम मरिया और एक बार पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा के नाम पर आदि प्रार्थना बोलते हैं।
माला विनती बोलने के लिए उचित है कि प्रत्येक रहस्य पर घटित प्रत्येक घटना पर मनन किया जाए कि एक 'हे पिता हमारे' और दस 'प्रणाम मरिया' कही जाए। यह एक रहस्य पूरा करती है। प्रत्येक रहस्य के पश्चात 'पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा की बढ़ाई होवे कही जाए। माल विनती के अंत में कोई प्रार्थना बोली जाए।
सुख के पाँच रहस्य
1. ग्राबिएल दूत मरिया को संदेश देते हैं।
2. मरिया एलिजाबेथ से भेंट करती है।
3. हमारे प्रभु जन्म लेते हैं।
4. येसु मंदिर में चढ़ाए जाते हैं।
5. येसु मंदिर में पाए जाते हैं।
दुःख के पाँच रहस्य
1. बाग में येसु का मरण संकट होता है।
2. स्तंभ पर येसु को कोड़े मारे जाते हैं।
3. येसु को काँटों का मुकुट पहनाया जाता है।
4. येसु अपना क्रूस ढोते हैं।
5. येसु क्रूस पर मर जाते हैं।
बढ़ाई के पाँच रहस्य
1. येसु मृतकों में से जी उठते हैं।
2. येसु स्वर्ग पर चढ़ते हैं।
3. पवित्र आत्मा प्रेरितों पर उतरते हैं।
4. मरिया स्वर्ग में उठा ली जाती है।
5. मरिया स्वर्ग में राजकीय मुकुट पाती है।