Ground report : स्विट्जरलैंड प्रशासन ने 300 लोगों को क्वारेंटाइन में भेजा

रविवार, 28 जून 2020 (22:18 IST)
बर्लिन। स्विट्जरलैंड प्रशासन ने ज्यूरिख के एक नाइट क्लब में कोरोना वायरस के ‘सुपर स्प्रेडर’ का पता लगने के बाद 300 लोगों को क्वारेंटाइन में रहने का आदेश दिया है।
 
ज्यूरिख के अधिकारियों ने आधिकारिक बयान में कहा कि फ्लेमिंगो क्लब में एक सप्ताह पहले आए व्यक्ति के गुरुवार को कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसके साथ रहने वाले 5 लोगों की भी जांच की गई और प्रशासन को उनके भी कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना मिली है।
 
बयान में कहा गया कि नाइट क्लब द्वारा मेहमानों की मुहैया कराई गई सूची के आधार पर अधिकारी उनसे संपर्क करने में कामयाब हुए और शनिवार से अगले 10 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहने का आदेश दिया ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।
 
स्विस अधिकारियों ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाने के बावजदू साफ-सफाई और सामाजिक दूरी के नियम का अनुपालन करना कितना महत्वपूर्ण है।
 
उन्होंने कहा कि अगर क्लब में इसी तरह के सुपरस्प्रेडर (सामान्यत : बिना लक्षण वाला संक्रमित व्यक्ति जो बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित कर सकता है) की घटनाएं सामने आती हैं तो उन्हें इन सुविधाओं को दोबारा बंद करना होगा।
उल्लेखनीय है कि कई यूरोपीय देशों की तरह स्विट्जरलैंड में भी संक्रमण के नए मामलों में कमी आई है और अब दोबारा अर्थव्यवस्था को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
 
स्विट्जरलैंड द्वारा रविवार को जारी अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार से शनिवार के बीच कोविड-19 के 69 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही देश में कुल संक्रमितों की संख्या 31,555 हो गई है, जिनमें से 1,681 लोगों की मौत हुई है।

ज्यूरिख बहुत तेजी से सामान्य स्थिति में आया : ज्यूरिख में रह रही इंदौर की श्वेता कुलकर्णी मांडवगने एक हाउसवाइफ हैं और उनकी 2 साल की बेटी भी है। श्वेता ने 'वेबदुनिया' को बताया कि ज्यूरिख बहुत तेजी से सामान्य स्थिति में आ गया है। बच्चों के स्कूल शुरू हो चुके हैं। लोग सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे हैं। सड़कें लोगों से भरी पड़ी रहती हैं।


श्वेता के पति श्रेयस मांडवगने अपनी कंपनी के एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में ज्युरिख में हैं। श्वेता के अनुसार HB और Luzern में बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठा होते हैं और उनमें किसी तरह का कोरोना का डर नहीं है।
 
श्वेता के अनुसार यहां पर शॉपिंग मॉल और बाजारों में पहले जैसी रौनक लौट आई हैं। ज्यूरिख में हर देश के लोग बसे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं। यहां काफी इंडियन स्टोर्स भी हैं, जहां पर सभी तरह का भारतीय सामान मिल जाता है। लगता ही नहीं कि मैं किसी पराए मुल्क में हूं। (वेबदुनिया/भाषा)

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