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Corona से बिगड़ी अर्थव्यवस्था की चाल, जानिए क्या होगा आपके निवेश पर असर...

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नृपेंद्र गुप्ता

शनिवार, 20 मार्च 2021 (13:38 IST)
मुंबई। देश के कई राज्यों में कोरोना का कहर तेजी से बढ़ रहा है। महाराष्ट्र, पंजाब आदि राज्यों में हाल बेहाल हैं। देश में शुक्रवार को 40 हजार से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए इनमें से भी करीब 70 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र से हैं। टॉप 10 में से 9 संक्रमित शहर महाराष्‍ट्र के हैं। कोरोना का असर एक बार फिर अर्थव्यवस्था के साथ ही शेयर बाजार पर भी पड़ता नजर आ रहा है।

10 दिन मेंं  2,80,889 नए कोरोना मरीज : देश में कोरोनावायरस एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ चुका है। मात्र 10 दिनों में 2,80,889 नए मरीज सामने आए हैं। इस वजह से देश में कई स्थानों पर राज्य सरकारों ने लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इससे पर्यटन, हॉस्पिटलिटी, रिअल इस्टेट समेत कई सेक्टरों पर सीधा असर पड़ा है।

अर्थव्यवस्था पर असर : कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्‍ट्र और पंजाब से देश भर में कपड़ा समेत कई वस्तुओं की सप्लाय होती है। यहां से अन्य राज्यों में सामान आसानी से नहीं पहुंच पा रहा है। गुजरात में भी तेजी से बढ़ते कोरोना ने इन व्यापारियों की मुश्किलों में इजाफा किया है। पेट्रोल डीजल की बढ़ी कीमतों ने इसमें आग में घी का काम किया है और इससे महंगाई भी बढ़ी है।
 
लगातार बढ़ती महंगाई और कोरोना के बढ़ते डर की वजह से आम आदमी दहशत में है। पिछले अनुभवों को याद करते हुए लोग इस बार बचत को तरजीह दे रहे हैं। इससे कई वस्तुओं की डिमांड में काफी कमी आई है।
 
शेयर बाजार का बुरा हाल : 10 मार्च से 19 मार्च तक शेयर बाजार के सफर पर नजर डाली जाए तो ऐसा प्र‍तीत होता है कि निवेशकों का बाजार से मोहभंग हुआ है। शुक्रवार को छोड़ दें तो 5 दिनों में सेंसेक्स में 2000 से अधिक अंकों की गिरावट दिखाई दी। वहीं निफ्टी भी 600 अंक गिर गया। शुक्रवार को हालांकि सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमश: 642 और 186 अंकों की बढ़त देखी गई। हालांकि इसकी वजह कोरोना नहीं है, लेकिन यह कोरोना काल मेें बाजार की अव्यवस्थित चाल बताता है। अगर देश में एक बार फिर लंबे समय के लिए लॉकडाउन की स्थिति बनती है तो निवेशक इससे दूरी बना सकते हैं।
 
लॉकडाउन का शेयर बाजार पर असर : शेयर बाजार विशेषज्ञ रवीन्द्र आर्य के अनुसार, अगर पूरे देश में लॉकडाउन लगता है तो बाजार का गिरना तय है। वैसे तो सभी सेक्टरों पर इसका नकारात्मक असर होगा लेकिन ऑटो मोबाइल सेक्टर, रियल इस्टेट आदि सेक्टरों के शेयरों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा। आईटी जैसे सेक्टर वर्क फ्रॉम होम की वजह से इससे अछूते ही रहेंगे।
 
आर्य ने बताया कि यूएस बांड यिल्ड में आई भारी तेजी संबंधी रिपोर्ट की वजह से भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को आई रिपोर्ट की वजह से बाजारों में रिकवरी आई।
 
म्यूचुअल फंड पर असर : म्यूचुअल फंड एक्सपर्ट रमाकांत मुजावदिया के अनुसार, कोरोना लॉकडाउन की वजह से म्यूचुअल फंड्स भी कुछ समय के लिए नीचे जा सकते हैं। हालांकि अगर ऐसा होता है तो यह निवेशकों के लिए एक अपॉर्चुनिटी है। FD में कम रिटर्न, शेयर बाजार में ज्यादा रिस्क की वजह से म्यूचुअल फंड के साथ रहने में तकलीफ नहीं है। इक्विटी के साथ ही डेब्ट, लिक्विड में बेलेंस रखना जरूरी है। एक अच्छा कंसलटेंट की मदद से आप इस स्थिति का भी लांग टर्म में फायदा उठा सकते हैं।
 
स्थानीय बाजारों पर असर : अकसर बाजारों से लापरवाही की तस्वीरें सामने आती है। ऐसे में अगर प्रशासन सख्‍ती करता है तो इसका सीधा असर स्थानीय बाजारों पर ही होगा। शादी ब्याह का सीजन फिर शुरू होने वाला है अगर लोगों ने मास्क नहीं लगाया तो ये बाजार कोरोना के हॉट स्पॉट में बदल सकते हैं। ऐसे में इनके व्यापार पर सबसे ज्यादा असर होगा। 
 

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