Corona: दहशत की 4 कहानि‍यां, ‘कोराना’ हो उसके पहले ही कर लि‍या ‘सुसाइड’

कोरोना वायरस की दहशत के बीच अब अलग शहरों से आत्‍महत्‍या के मामले सामने आ रहे हैं। ज‍िन्‍हें संक्रमण है, वे तो दहशत में हैं ही, लेकि‍न जो संद‍िग्‍ध मरीज हैं, वे इससे इतना डर गए हैं क‍ि सुसाइड करने लगे हैं। 
दिल्‍ली, कर्नाटक और हापुड़ से आत्‍महत्‍या की खबरें आ रही हैं।

दरअसल इन घटनाओं के पीछे मनोव‍िज्ञान‍िक कारण बताए जा रहे हैं। वेबदुन‍िया से वि‍शेष चर्चा में इंदौर के जाने-माने मनोच‍िक‍ित्‍सक ने बताए आत्‍महत्‍या के पीछे की कुछ खास वजहें। 
 
केस-01
कोरोना को लेकर लोगों के मन में डर किस हद तक घर कर सकता है, ये हापुड़ की एक घटना से सामने आया। यहां एक शख्स ने कोरोना संक्रमण होने की शंका होने के चलते सुसाइड कर लिया। युवक ने धारदार हथियार से गर्दन व हाथ काटकर अपनी जान दे दी। मौके से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। घटना के बाद पुलिस और  स्वास्थ विभाग ने मृतक के घर को सीलबंद किया।

बागपत निवासी सुनील पिलखुवा में सैलून का काम करता था। कुछ दिन पहले बुखार होने पर खुद को घर में बंद कर लिया था। चौंकाने वाली बात है क‍ि परिवार के सदस्‍यों ने पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में खबर नहीं की। कमरे में बंद युवक ने आत्‍महत्‍या कर ली। घटना के बाद एक सुसाइड नोट उसके घर से बरामद हुआ है। ज‍िसमें उसने अपने भाइयों से कहा है कि मेरे बच्चों और मेरी मां का ख्याल रखना।

केस-02 
दूसरा मामला कर्नाटक के उडुपी जिले का है जहां 56 साल के एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली है। बुधवार को इस शख्स ने इस बात के डर से आत्महत्या कर ली की वो गलती से Covid-19 संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ गया है। इस डर के कारण उसने पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। अपने सुसाइड नोट में उसने परिवार को कहा है कि वो लोग भी जाकर कोरोना वायरस संक्रमण की जांच करवा लें। आत्महत्या करने वाले शख्स के पीछे उसकी पत्नी और दो बच्चे रह गए हैं। आत्महत्या के बाद मृतक के गले से स्वैब का सैंपल लेकर भेजा गया है। फ‍िलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

केस-03 
तीसरा मामला राजधानी दिल्ली का है। यहां सफदरजंग अस्पताल में एक कोरोना वायरस के मरीज ने खुदकुशी कर ली। मरीज ने 7वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। उसकी उम्र 35 साल थी ओर वो हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से भारत लौटा था। उसे दि‍ल्‍ली एयरपोर्ट पर जांच के बाद अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था।

केस-04 
इधर कर्नाटक में एक 57 साल के शख्स ने फांसी लगाकर इसलिए आत्महत्या कर ली, क्योंकि उन्हें शक था कि वो कोरोना वायरस का शिकार हो गए हैं। घटना को अंजाम देने से पहले शख्स ने एक सुसाइ़ड नोट छोड़ा है। इसमें लिखा है कि वो कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और इसलिए आत्महत्या कर रहे हैं। उसने अपने परिवार के सदस्यों को कहा कि वो जरूर अपना टेस्ट करा लें।

टॉलरेंस लेवल हो गया कमर: डॉ वीएस पॉल 
इंदौर के जाने माने मनोच‍िक‍ित्‍सक डॉ वीएस पॉल ने बताया क‍ि लगातार कोरोना की खबरें आ रही हैं, लोग टीवी में वही सब देख रहे हैं। ऐसे में ज‍िन लोगों का टॉलरेंस लेवल कम होता है, वे दहशत में आकर आत्‍महत्‍या कर लेते हैं। ड‍िप्रेशन भी इसका एक कारण है। डॉ पॉल ने बताया क‍ि हमें खबरों और अफवाहों से दूर रहना चाहि‍ए। उन्‍होंने बताया क‍ि इस वायरस से ज्‍यादा खतरनाक वायरस पहले आ चुके हैं, ज‍िनमें मौतें ज्‍यादा हुई थी, इसमें मौतें कम हैं और संक्रमण ज्‍यादा है। इसल‍िए सि‍र्फ संक्रमण से बचें।

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