COVID-19 : देश में 24 घंटे में सामने आए 5000 से ज्यादा मामले, ट्रेनों के बाद हवाई उड़ानें शुरू करने का ऐलान

गुरुवार, 21 मई 2020 (00:17 IST)
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस महामारी के कारण जारी लॉकडाउन के चलते मंदी से चिंतित अधिकारियों ने बुधवार को अगले हफ्ते से घरेलू विमानों के परिचालन की शुरुआत करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही मनोरंजन उद्योगों से फिल्मों की सीमित शूटिंग के लिये तैयार रहने को कहा गया है। इस बीच बुधवार को देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के 5000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं।
 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि जिन लोगों में कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि हुई है, उनके ठीक होने की दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह दर 40 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है, जो 25 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने से पहले 7 प्रतिशत थी। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि अस्पताल की जरूरत 7 फीसदी से भी कम मरीजों को है।
 
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बुधवार सुबह 8 बजे के बुलेटिन में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 140 से अधिक मरीजों के मरने के कारण देश में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3303 हो गई है। मंत्रालय ने अपने अपडेट में कहा है कि देश में 5600 से अधिक मामले सामने आए हैं जिससे देश में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,06,750 हो गई है।
 
इलाज की दर में वृद्धि : स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देशभर में अभी 61 हजार 149 लोगों का इलाज चल रहा है जबकि 42 हजार 298 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वायरस महामारी से ठीक होने की दर 39.62 प्रतिशत है जो लॉकडाउन के शुरुआत में 7.1 प्रतिशत थी।
 
शुरू होंगी घरेलू विमान उड़ानें : मौजूदा समय में जारी लॉकडाउन के चौथे चरण में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रतिबंधों में कुछ छूट दी गई है। इसमें और छूट की घोषणा करते हुए केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने बुधवार को कहा कि 25 मई से घरेलू विमानों को क्रमिक तरीके से उड़ान भरने की इजाजत दी जाएगी। कोरोना वायरस के कारण इन विमानों का परिचालन करीब दो महीने से बंद है।
 
मंत्री ने हालांकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बारे में कोई बात नहीं बताई। विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए उड़ान भर रहे कुछ विशेष विमानों को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय विमानों का परिचालन भी लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही ठप है।
 
इस महामारी के कारण विमानन सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुआ है क्योंकि कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से भारत समेत विभिन्न देशों ने विमानों के परिचालन पर रोक लगा रखी है।
 
श्रमिकों की कमी :  लॉकडाउन के कारण लाखों में श्रमिक अपने घरों की और लौट चुके हैं अथवा लौट रहे हैं जिससे पूरे देश में उद्योग-धंधों में श्रमिकों की भारी कमी हो गई है, जहां लॉकडाउन से पहले वे काम कर रहे थे। लॉकडाउन लागू होने के कारण इन लोगों की नौकरी चली गई और कई मामलों में तो ये लोग बेघर हो गए हैं।
 
ट्रेनों की टिकटों की बुकिंग : रेलवे ने बुधवार को उन 100 जोड़ी यात्री ट्रेन की सूची जारी की जिनका परिचालन 1 जून से होगा। इनमें दूरंतो, संपर्क क्रांति, जन शताब्दी और पूर्वा एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनें भी शामिल हैं। रेलवे ने कहा कि इन ट्रेनों में एसी और गैर एसी, दोनों तरह के कोच होंगी जो पूरी तरह आरक्षित होंगी।

रेलवे ने कहा कि सामान्य श्रेणी के यान भी पूरी तरह से बैठने के लिए आरक्षित होंगे। इन ट्रेनों में कोई भी कोच अनारक्षित नहीं होगा। इन ट्रेनों का किराया सामान्य होगा। आरक्षित सामान्य कोच के लिए दूसरी श्रेणी की बैठने वाली सीट का किराया लिया जाएगा।

रेलवे ने कहा कि इन ट्रेनों में सभी यात्रियों को सीट उपलब्ध कराई जाएगी तथा इन ट्रेनों का संचालन 1 जून से शुरू होगा। इनके लिए आरक्षण 21 मई को सुबह 10 बजे से शुरू होगा।

गंभीर मंदी की चेतावनी : इस बीच रेटिंग एजेंसी इक्रा ने गंभीर मंदी की चेतावनी दी है और वित्त वर्ष 20-21 के लिए सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान को 5 प्रतिशत से भी कम कर दिया है। इसके लिए एजेंसी ने मामूली राजकोषीय समर्थन, राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन का विस्तार एवं श्रमिकों की कमी का हवाला दिया है।
 
वित्त मंत्री की बैठक :  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उद्योगों को कोविड-19 के मद्देनजर श्रमिकों के साथ अपने संबंधों को फिर से परिभाषित करने की आवश्यकता है और अकुशल श्रमिकों के काम के लिए एक पेशेवर तरीके पर भी विचार करना चाहिए।
 
उद्योग निकाय सीआईआई के साथ बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि श्रमिकों के साथ काम के लिए उद्योगों को ऐसा उदाहरण स्थापित करने की आवश्यकता है जो सबके लिए स्वीकार्य हो।
 
कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर लॉकडाउन को बिना किसी योजना के लागू करने का आरोप लगाया है और दावा किया कि इसके पास इससे बाहर निकलने की कोई रणनीति नहीं है।
 
फिल्म उद्योग जगत को इजाजत : मुंबई में मनोरंजन जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उन्हें कोरोना वायरस महामारी के कारण जारी लॉकडाउन के बीच सामाजिक मेलजोल से दूरी के नियमों का पालन करते हुए फिल्मों की शूटिंग एवं पोस्ट प्रोडक्शन की गतिविधि के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा है। हालांकि उन्होंने जल्द ही सिनेमा हॉल या सिनेमाघरों को किसी समय फिर से खोले जाने से इंकार किया।
 
ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार का मानना है कि कोरोना वायरस के मामलों में मई के अंत एवं जून में सबसे अधिक इजाफा होगा। हालांकि संक्रमण के प्रसार को महाराष्ट्र में काफी हद तक नियंत्रित किया गया है, जहां 37,000 से अधिक संक्रमित मामले हैं और इससे 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
 
दूसरा सबसे अधिक प्रभावित राज्य तमिलनाडु : तमिलनाडु दूसरा सबसे अधिक कोविड-19 प्रभावित राज्य है जहां आज कोरोना वायरस संक्रमण के 743 नए मामले सामने आए हैं जिससे प्रदेश में कोविड-19 मरीजों की संख्या 13,191 हो गई है। हालांकि राज्य में करीब 1 हजार लोग ठीक भी हुए हैं। नए मामलों में 83 ऐसे हैं जो महाराष्ट्र से वापस आए हैं।
 
दिल्ली में लगातार बढ़ रही है संख्या : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 534 मामले सामने आए, जिससे यहां संक्रमितों की कुल संख्या 11 हजार से अधिक हो गई है जबकि यहां 176 लोगों की मौत हो चुकी है। केरल, उत्तरप्रदेश, बिहार, त्रिपुरा, कर्नाटक, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल एवं आंध्रप्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों में नए मामले सामने आए हैं।
 
सिक्किम-नगालैंड में एक भी मामला नहीं : केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने कहा कि शेष भारत की अपेक्षा पूर्वोत्तर राज्यों ने कोविड-19 महामारी से निपटने में बेहतर काम किया है जबकि सिक्किम एवं नगालैंड में संक्रमण का अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है। अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम में एक एक मामला है जो अब ठीक हो चुके हैं ।
 
सिंह ने बताया कि मेघालय में 13 मामले हैं। राज्य में एक मरीज की मौत हुई है और अन्य सभी इससे उबर चुके हैं। मेघालय भी अब कोरोना वायरस मुक्त राज्य बन चुका है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि असम ने भी कोरोना वायरस पर बेहतर प्रतिक्रिया दी है। गुजरात एक अन्य राज्य है जो कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित है। प्रदेश में 12 हजार से अधिक मामले हैं और 700 लोगों की मौत हो चुकी है। (भाषा)

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