Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

Covid 19 ने बढ़ाई बेरोजगारी, केवल 11 प्रतिशत रह गईं कामकाजी महिलाएं

webdunia
गुरुवार, 11 मार्च 2021 (15:25 IST)
नई दिल्ली। कोविड 19 के कारण बहुत-सी भारतीय महिलाओं को अपना करियर बीच में छोड़ना पड़ा है। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि कार्यस्थलों पर 71 फीसदी कामकाजी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की मौजूदगी दर अब केवल 11 प्रतिशत रह गई है। कार्यस्थलों पर इतनी कम महिलाओं के साथ महिलाओं में बेरोजगारी की दर पुरुषों के 6 फीसदी के मुकाबले 17 फीसदी हो गई है।
 
सर्वेक्षण में एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई है कि जनवरी से लेकर फरवरी तक के 2 महीनों के दौरान औसतन एक महिला ने 18 बार से अधिक 'सॉरी' शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद औसतन एक महिला ने 16 बार 'लव' और 15 बार 'हूं' कहा।
सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि कोविड-19 के दौर से निकलने के लिए संघर्ष कर रहीं महिलाएं अब अपनी सेहत पर अधिक ध्यान देने के साथ ही कोई कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भरता हासिल करने व उद्यमी बनने के सपने देख रही हैं। बबल एआई द्वारा जनवरी 2021 से पिछले 2 महीने में करवाए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट बताती है कि सर्वेक्षण के दायरे में आई 55 फीसदी से अधिक महिलाएं अब अपनी सेहत, फिटनेस और उत्साह पर ध्यान दे रही हैं और साथ ही इसके बारे में अपनी दोस्तों के बीच जानकारी और चिंताएं भी अधिक खुलकर साझा कर रही हैं।
भारतीय संदर्भों में रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड 19 के कारण बहुत सी भारतीय महिलाओं को अपना करियर बीच में छोड़ना पड़ा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी (सीएमआईई) के अनुसार महिलाओं के श्रम बल में पहले से ही कम भागीदारी को कोविड ने और कम कर दिया है, जो कि सकते में डालने वाली बात है। इसमें कहा गया है कि कार्यस्थलों पर 71 फीसदी कामकाजी पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की मौजूदगी दर 11 प्रतिशत रह गई है। कार्यस्थलों पर इतनी कम महिलाओं के साथ महिलाओं में बेरोजगारी की दर पुरुषों के 6 फीसदी के मुकाबले 17 फीसदी हो गई है।
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि अचानक से नौकरी से हाथ धो बैठने से भारत में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सीधा असर पड़ा है। हालांकि बबल एआई का कहना है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद भारतीय महिलाओं के हौसले बुलंद हैं। सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जीवनशैली में बदलाव, बढ़ते शहरीकरण, पश्चिमी सभ्यता के अधिक संपर्क में आने के चलते भारत में महिलाओं और युवतियों के बीच प्यार और शादी को लेकर भी विचारों में तेजी से बदलाव आ रहा है।
 
रिपोर्ट में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार टिंडर, बम्बल, हिंज, हैप्पन, ओके क्यूपिड जैसे डेटिंग एप के बढ़ते इस्तेमाल के बीच 72 फीसदी महिलाएं डेटिंग और सच्चे प्रेम की तलाश के बारे में बातें कर रही हैं। रिपोर्ट में कोविड बाद की स्थितियों में महिलाओं की जीवनशैली के संबंध में आए बदलावों को आंकने का प्रयास किया गया है।
 
बबल एआई की सर्वेक्षण रिपोर्ट कहती है कि आमतौर पर पतियों और प्रेमियों को यह शिकायत रहती है कि किसी भी मामले में उन्हें 'सॉरी' शब्द बोलना पड़ता है, लेकिन सर्वेक्षण कहता है कि पिछले 2 महीनों में औसतन एक महिला ने 18 बार से अधिक 'सॉरी' शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद औसतन 1 महिला ने 16 बार 'लव' और 15 बार 'हूं' कहा।
 
इस प्रकार महिलाओं के बीच 'सॉरी' वर्ष का सबसे अधिक इस्तेमाल किया गया शब्द रहा। इस सर्वेक्षण को करवाने वाली बबल एआई एक मीडिया प्लेटफॉर्म कंपनी है जिसने यह जानने के लिए सर्वेक्षण करवाया कि कोरोना महामारी के दौर में महिलाएं किन मुद्दों पर बात कर रही हैं। बबल एआई फेसबुक, व्हॉट्सएप, टिंडर, हिंज जैसी सोशल मीडिया साइटों पर लोगों के बीच होने वाली बातचीत के बारे में सर्वेक्षण करती है और यह पता लगाने की कोशिश करती है कि आधुनिक तकनीकी क्रांति के दौर में समाज में संवाद प्रक्रिया किस प्रकार आकार ले रही है। (भाषा)
webdunia

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

एंटीलिया के बाहर कार मिलने का मामला, दिल्ली के तिहाड़ इलाके में बना था जैश-उल-हिंद का टेलीग्राम चैनल