Publish Date: Mon, 29 Jun 2020 (12:44 IST)
Updated Date: Mon, 29 Jun 2020 (12:51 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश सरकार अब पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर डोर-टू-डोर मेडिकल स्क्रीनिंग कराने की योजना बना रहे हैं जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारी लगभग पूरी है और अब प्रदेश के हर एक व्यक्ति की मेडिकल स्क्रीनिंग करने के लिए कमर कस ली है और जिसकी शुरुआत जुलाई के प्रथम सप्ताह से करने की तैयारी है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डोर-टू-डोर मेडिकल स्कैनिंग में जरा-सा भी लक्षण पाए जाने की स्थिति में तत्काल प्रभाव से इलाज के लिए व्यक्ति को भर्ती कराया जाएगा और इसकी शुरुआत सरकार के निर्देश पर यूपी के मेरठ मंडल से होने की तैयारी है। इसके ठीक बाद यूपी के बाकी के मंडलों में भी इस अभियान को तेजी से चलाए जाने की योजना है।
बताते चलें कि उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोरोनावायरस महामारी को हर हाल में समाप्त करना है और प्रदेश में कोई भी ऐसा व्यक्ति न रह जाए जिसकी जांच न हो पाई हो इसलिए उत्तरप्रदेश में शत-प्रतिशत घरों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था के लिए रणनीति तैयार की जाए। जिस तरह पल्स पोलियो अभियान चलाया जाता है, उसी की तर्ज पर मेडिकल स्क्रीनिंग को कराया जाए और घरों के बाहर मार्किंग भी की जाए।
उन्होंने कहा कि इस दौरान अगर किसी भी व्यक्ति में कोरोनावायरस के लक्षण पाए जाएं तो तत्काल उसका पल्स ऑक्सीमीटर और रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाया जाए। टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद के संक्रमित होने की दशा में तत्काल उस व्यक्ति को इलाज के लिए कोविड अस्पताल में भर्ती करवाया जाए।