Publish Date: Tue, 21 Jul 2020 (08:55 IST)
Updated Date: Tue, 21 Jul 2020 (08:59 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 के बाद अर्थव्यस्था को फिर से मजबूत बनाने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि अभिनव भारत अभियान का क्रियान्वयन बैंकों के हाथ में है।
उन्होंने कोविड-19 के फैलाव को रोकने हेतु मास्क और सैनिटाइजर के वितरण के लिए पंजाब नेशनल बैंक के राष्ट्रव्यापी सीएसआर अभियान की शुरुआत की। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने के साधन के रूप में कोविड के बाद की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने में बैंकिंग क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि कोविड से निपटने की लड़ाई देश में प्रत्येक नागरिक के सहयोग से ही जीती जा सकती है। इस मौके पर पंजाब नेशनल बैंक के एमडी और सीईओ एसएस मल्लिकार्जुन राव और बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इसमें पीएनबी के देशभर में मौजूद 22 अंचल कार्यालयों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया।
राष्ट्रीय कार्यों में पीएनबी के योगदान की सराहना करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक भारत का पहला स्वदेशी बैंक है जिसकी स्थापना राष्ट्रवाद की भावना के साथ की गई थी और यह लाला लाजपत राय जैसे स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरित था। इस बैंक को जलियांवाला बाग समिति का खाते खोलने का गौरव हासिल है जिसे बाद में महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा संचालित किया गया था।
उन्होंने कहा कि मास्क का इस्तेमाल और हाथों की अच्छी तरह सफाई कोविड से निपटने में उपयुक्त व्यवहार और यह इस बीमारी से बचने के लिए फिलहाल मौजूद सबसे अच्छा 'सामाजिक टीका' है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कोविड-19 से निपटने की सामूहिक लड़ाई का उल्लेख करते कहा कि चीन द्वारा विश्व समुदाय को वायरस के बारे में सूचित किए जाने के 24 घंटे के भीतर ही विशेषज्ञों की समिति की पहली बैठक स्वास्थ्य मंत्रालय में आयोजित की गई थी।
उन्होंने बताया कि जनवरी, 2020 में पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए देश में सुसज्जित सिर्फ एक प्रयोगशाला थी और अब लगभग 1,268 प्रयोगशालाएं हैं। इससे पहले श्वसन वायरस के सभी नमूनों को परीक्षण के लिए अमेरिका भेजा जाता था।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में अगले 10 से 12 सप्ताह के भीतर 1 दिन में 10 लाख लोगों के परीक्षण की क्षमता होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि देश इस संकट पर विजय हासिल कर लेगा। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार के प्रभावी नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के कारण आज यह मृत्युदर 2.46% है।
पंजाब नेशनल बैंक के सीईओ मल्लिकार्जुन राव ने कहा कि प्रधानमंत्री की देशव्यापी अपील पर इस बैंक ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसई), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) आदि जैसे विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर अर्थव्यवस्था की मजबूती में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि हमने जन-धन योजना के तहत और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से जनसंख्या के एक बड़े हिस्से को जोड़कर प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान के कार्यान्वयन में भी योगदान दिया है। (भाषा)