Publish Date: Wed, 15 Apr 2020 (21:08 IST)
Updated Date: Wed, 15 Apr 2020 (22:38 IST)
इंदौर/खंडवा। पहले इंदौर और उसके बाद खंडवा। दोनों ही स्थानों पर घटनाओं में काफी समानता रही। दोनों ही जगह मरीजों को एम्बुलेंस नहीं मिली और दोनों ने ही इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।
दरअसल, खंडवा शहर के कोरोना प्रभावित इलाके खडकपुरा निवासी बुजुर्ग शेख हमीद (65) की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने एंबुलेंस के लिए फोन लगाया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं आई। जब एम्बुलेंस नहीं पहुंची तो पुत्र सईद और परिजन बुजुर्ग को स्कूटर से ही हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन इससे पहले कि उन्हें इलाज
मिलता उनकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग को ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी।
बुजुर्ग जिस इलाके में रहते थे, वहां से सबसे ज्यादा 13 कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद इस इलाके को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया था।
आपको बता दें कि 3 दिन पहले भी जिले के आदिवासी विकासखंड खालवा से 108 पर 3 घंटे फोन लगाने पर भी एम्बुलेंस नहीं मिलने से एक बच्चे की मौत हो गई थी, जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर किया गया था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले मध्यप्रदेश के ही इंदौर शहर में इस तरह की घटना हुई थी, जिसमें परिजन एम्बुलेंस एवं अन्य साधन नहीं मिलने के कारण मरीज को स्कूटर से ही एमवाय अस्पताल लेकर पहुंच गए थे। लेकिन, इलाज मिलने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी।