Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

INSACOG ने कहा- देश में SARS-CoV2 के नए वैरिएंट का कोई साक्ष्य नहीं...

webdunia
शुक्रवार, 24 सितम्बर 2021 (00:06 IST)
नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) का जीनोम अनुक्रमण और विश्लेषण कर रही प्रयोगशालाओं के एक समूह आईएनएसएसीओजी ने कहा है कि सार्स-सीओवी 2 के नए स्वरूप का कोई प्रमाण नहीं है और अभी डेल्टा उप-स्वरूपों को लेकर कोई अतिरिक्त या सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता नहीं है।

आईएनएसएसीओजी ने 20 सितंबर के अपने ताजा बुलेटिन में कहा कि डेल्टा भारत में चिंता का मुख्य स्वरूप बना हुआ है। समूह ने कहा कि दूसरी लहर डेल्टा स्वरूप से प्रभावित थी और कुछ राज्यों में निम्न स्तर पर बना हुआ है तथा किसी नए स्वरूप का कोई सबूत नहीं है।

देश में कोरोनावायरस की दूसरी लहर के दौरान मार्च से मई के बीच अस्पतालों और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे पर काफी दबाव बना हुआ था। आईएनएसएसीओजी ने ध्यान दिलाया किया कि जून 2021 से एवाई.1 में मामूली वृद्धि हुई है और इसकी निगरानी की जा रही है। समूह ने कहा कि एवाई.4 भारत के साथ ही विश्व स्तर पर हाल के अनुक्रमण में सबसे अधिक बार मिलने वाला डेल्टा उप-स्वरूप है।

पिछले सप्ताह समूह ने कहा था कि अभी तक सार्स-सीओवी2 के दो नए स्वरूप एमयू और सी.1.2 नहीं दिखे हैं तथा डेल्टा मुख्य स्वरूप बना हुआ है। भारतीय सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) विभिन्न राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं का एक समूह है जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने पिछले साल गठित किया था। आईएनएसएसीओजी तब से कोरोनावायरस के जीनोम अनुक्रमण और वायरस का विश्लेषण कर रहा है।
webdunia

क्या बच्चों के लिए Coronavirus का Delta वैरिएंट ज्यादा खतरनाक है : क्या कोरोनावायरस का डेल्टा स्वरूप बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है? विशेषज्ञों का कहना है कि इस बारे में ठोस साक्ष्य नहीं हैं कि बच्चे और किशोर कोविड-19 के पूर्व के स्वरूपों की तुलना में डेल्टा स्वरूप से ज्यादा गंभीर रूप से बीमार पड़ेंगे, हालांकि डेल्टा स्वरूप से बच्चों में संक्रमण में तीव्र वृद्धि हुई है क्योंकि यह कहीं अधिक संक्रामक है।
ALSO READ: देश में कमजोर पड़ रहा Coronavirus, सितंबर के मध्य में 1 से नीचे पहुंची वायरस की R-Value
फ्लोरिडा के सेंट पीटर्सबर्ग में जॉन्स हॉपकिन्स ऑल चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल में शिशु संक्रामक रोग चिकित्सक डॉ. जुआन डुमोइस ने कहा कि कहीं अधिक आसानी से फैलने की डेल्टा की क्षमता उसे बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बनाती है और यह स्कूलों में मास्क पहनने तथा किशोरों के भी टीकाकरण करने की जरूरत बताता है।
ALSO READ: Coronavirus की तीसरी लहर को लेकर बड़ी खबर, Vaccination के बाद बनी हर्ड इम्यूनिटी भी Delta Variant पर नाकाम
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स एंड चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल एसोसिएशन से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक अमेरिकी बच्चों में साप्ताहिक संक्रमण की दर इस महीने की शुरूआत में ढाई लाख पहुंच गई। महामारी की शुरूआत होने के बाद से अमेरिका में 50 लाख से अधिक बच्चे संक्रमित हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक कम से कम 180 देशों में डेल्टा स्वरूप की पहचान की गई है।(भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

PM Modi US Visit : PM मोदी ने ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन से की मुलाकात