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Night curfew In Bihar : नाइट कर्फ्यू के दौरान बिहार में क्या खुलेगा और क्या रहेगा बंद

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सोमवार, 19 अप्रैल 2021 (08:28 IST)
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को वीडियो कॉन्फेंस के माध्यम सभी जिलों के पदाधिकारियों के साथ कोविड-19 पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि पूरे प्रदेश में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाने, स्कूल और कॉलेज 15 मई तक बंद रखे जाने के साथ-साथ आवश्यकता अनुसार धारा 144 लागू करने का अधिकार जिला प्रशासन को दिए जाने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
कोविड-19 के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सचिवालय में वीडियो कन्फ्रेंस के माध्यम सभी जिलों के साथ आयोजित बैठक के बाद नीतीश ने पत्रकारों से कहा कि कोरोना संक्रमण प्रतिदिन बढता जा रहा है और रविवार को कुछ देर पहले प्राप्त आंकड़े के मुताबिक एक दिन में संक्रमण के 8,690 नए मामले आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जितने मामले प्रकाश में आए थे उस आंकडे तक कल ही हम पहुंच गए थे और यह संख्या बढ़ती ही जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पूरी सतर्कता से काम करना है।
 
उन्होंने कहा कि 'क्राइसिस ग्रुप मैनेजमेंट' (संकट प्रबंधन समूह) की बैठक के बाद कई निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के नियंत्रण एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर 15 मई 2021 तक अतिरिक्त प्रतिबंध एवं कार्रवाई पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान 15 मई तक बंद रहेंगे। इस अवधि में राज्य सरकार के विद्यालय एवं विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी तरह की परीक्षाएं भी नहीं ली जाएंगी।

 
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार तकनीकी चयन आयोग, केंद्रीय चयन पर्षद, सिपाही भर्ती, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पर यह लागू नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन शैक्षणिक कार्यक्रम पूर्ववत् चलते रहेंगे।
 
उन्होंने कहा कि पिछले आदेश में दुकानों को शाम सात बजे तक बंद करने का आदेश दिया गया था, अब इसे संशोधित करते हुऐ शाम 6 बजे तक बंद करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एवं निजी कार्यालय शाम 5 बजे बंद हो जाएंगे।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष की तरह कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे और ऐसे चिह्नित क्षेत्र में सारे प्रावधानित प्रतिबंध लगाए जाएंगे और उनका सख्ती से अनुपालन किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निर्गत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, स्टेडियम, जिम, पार्क एवं उद्यान 15 मई तक पूरी तरह बंद रहेंगे।
 
नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में रात्रि नौ बजे से प्रातः पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू 15 मई तक लागू रहेगा। हालांकि, बस, हवाई, रेल यात्रियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि रेस्तरां, ढाबा, होटल में बैठकर खाना खाने पर रोक रहेगी लेकिन होम डिलीवरी एवं टेक अवे सर्विस का संचालन रात नौ बजे तक किया जा सकेगा।
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर सार्वजनिक एवं निजी किसी भी प्रकार के आयोजन पर रोक रहेगी। हालांकि, दफन-दाह संस्कार कार्यक्रम तथा विवाह एवं श्राद्ध कार्यक्रमों पर यह नहीं लागू होगा। उन्होंने बताया कि दफन-दाह संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने वालों की अधिकतम संख्या 25 तथा शादी एवं श्राद्ध कार्यक्रम के लिए अधिकतम सीमा 100 निर्धारित की गई है।

 
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाजारों में 'स्टैगरिंग' करेगा ताकि भीड़ नहीं हो। आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन भीड़भाड़ की जगह वाली मंडियों पर भी प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें खुले जगह में स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन आवश्यकतानुसार नगर क्षेत्रों एवं प्रखंड मुख्यालयों में दंड प्रक्रिया की धारा 144 का प्रयोग कर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
 
उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं जैसे परिवहन, बैंकिंग, डाक, स्वास्थ्य एवं इससे संबंधित सेवाओं, दमकल , पुलिस, एम्बुलेंस आदि को पाबंदियों से छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि ई कॉमर्स की गतिविधिया एवं उससे संबंधित प्रतिष्ठान भी इस प्रतिबंध से मुक्त होंगे। अंतर जिला एवं अंतर्राज्यीय सार्वजनिक परिवहनों पर कोई रोक नहीं होगी। निर्माण कार्यों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं रहेगा।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण दवाएं यथा रेमडेसिविर, हाई एंटीबॉयोटिक्स एवं अन्य दवाओं की उपलब्धता जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं अनुमंडल अस्पतालों तक गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था एवं ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल निर्धारित किया जाएगा।
 
नीतीश कुमार ने कहा कि एम्स(पटना), पीएमसीएच, एनएमसीएच, आईजीआईएमएस के चिकित्सकों द्वारा जिलों के डॉक्टरों को ऑनलाइन परीक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस की संख्या किराये पर लेकर भी बढ़ाई जाएगी। भविष्य में कोविड केयर सेंटर एवं हेल्थ सेंटर पर बेड की संख्या को बढ़ाना पड़ सकता है इसलिए अतिरिक्त भवनों को भी इस हेतु चिन्हित कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी आवश्यक दवाओं, मानव बल की उपलब्धता की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित करेगा।
 
उन्होंने कहा कि गृह एकांतवास में रह रहे मरीजों की रोजना निगरानी होगी, जरूरत पड़ने पर प्रतिदिन ऑक्सीजन, बुखार जांचने एवं स्थिति गंभीर होने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर, उच्चतर कोविड सेंटर लाने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में तरल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण से लोगों के बचाव एवं सजग रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
 
मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा कि बिहार के जो लोग दूसरे राज्यों में कोरोना संक्रमण के दौरान तकलीफ में हैं वे जरूर वापस आ जाएं। उनकी जांच कराने के साथ-साथ उनके इलाज संबंधी जरूरी सुविधायें उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जो बाहर से मजदूर आ रहे हैं उनकी स्थिति की भी समीक्षा लगातार की जाएगी। आवश्यकतानुसार रोजगार उपलब्ध कराने हेतु औद्योगिक कलस्टर योजना एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सुविधाएं प्रदान करने हेतु काम किया जाएगा।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग एवं नगर विकास विभाग द्वारा ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में पिछले वर्ष से ज्यादा मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे। जितने भी चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी हैं उनको एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाएगा। सभी चीजों की प्रतिदिन सघन निगरानी की जाएगी और उसके आधार पर कार्य किए जाएंगे।

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बैठक में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद एवं रेणु देवी, शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त आमिर सुबहानी शामिल थे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी जिला पदाधिकारी, सभी पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं चिकित्सा पदाधिकारी जुड़े हुए थे। (भाषा)

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