Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

नाक बहना और गले में खुजली भी हो सकते हैं Omicron के लक्षण, क्‍या कहती है ये स्‍टडी?

हमें फॉलो करें नाक बहना और गले में खुजली भी हो सकते हैं Omicron के लक्षण, क्‍या कहती है ये स्‍टडी?
, सोमवार, 20 दिसंबर 2021 (16:43 IST)
नाक का बहना, सिरदर्द, थकान और गले में खुजली जैसा महसूस होना भी ओमिक्रॉन के लक्षण हो सकते हैं। यह दावा यूके में हुई हालिया स्‍टडी में किया गया है। यह स्‍टडी ‘द जो कोविड स्‍टडी ऐप’ पर की गई है।

‘द जो कोविड स्‍टडी ऐप’ पर हुई स्‍टडी कहती है, 3 से 10 दिसम्‍बर के बीच कोरोना के जो सबसे कॉमन लक्षण देखे गए में उनमें छींक आना, नाक बहना, सिरदर्द, थकान और गले में दिक्‍कत होना शामिल हैं।

रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक,  कोविड के मुकाबले, इसके लक्षण सर्दी से जुड़े ज्‍यादा देखे गए हैं। जो कोविड के सबसे कॉमन लक्षणों से थोड़े अलग हैं। जैसे- नाक बहना, छीक आना। वहीं, कोविड के सामान्‍य मामले में खांसी, बुखार के अलावा गंध और स्‍वाद न महसूस कर पाना सबसे आम लक्षण होते हैं।

1- जो सिस्‍टम ट्रैकिंग स्‍टडी के शोधकर्ता और महामारी एक्‍सपर्ट टिम स्‍पेक्‍टर का कहना है, ओमीक्रॉन से संक्रमित मरीजों में सर्दी से जुड़े लक्षण दिख रहे हैं। क्रिसमस सेलिब्रेशन में कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन लोगों को अभी से अलर्ट रहना जरूरी है।

2- टिम कहते हैं, फेस्टिव सेलिब्रेशन में संक्रमण के खतरे से बचने के लिए जरूरी है सोशल डिस्‍टेंसिंग मेंटेन की जाए। इसके साथ ही सेलिब्रेशन में शामिल होने वाले लोगों की पहले ही जांच की जानी चाहिए।

3- स्‍टडी कहती है, अब तक यह बात सामने आई है कि ओमीक्रॉन के लक्षण हल्‍के यानी माइल्‍ड होते हैं। लेकिन वैज्ञानिक इसकी वजह पता लगाने में जुटे हैं। वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि वायरस का यह नया स्‍ट्रेन कमजोर है या लोगों में इम्‍यूनिटी का लेवल अधि‍क है।

स्‍टडी के लिए ‘द जो कोविड स्‍टडी ऐप’ का इस्‍तेमाल करने वालों का डाटा इकट्ठा किया गया। इस ऐप से जुड़े संक्र‍मित मरीजों से सवाल-जवाब किए गए। सवाल-जवाब के आधार पर लक्षणों का डेल्‍टा और ओमीक्रॉन से कनेक्‍शन जांचा गया। आंकड़ों की एनालिसि‍स के बाद रिसर्च रिपोर्ट जारी की गई।

WHO ने कहा है कि कोरोना वायरस का ओमीक्रॉन वेरिएंट अब तक 89 देशों में पहुंच चुका है। संगठन ने यह भी बताया कि यह उन जगहों पर डेल्टा वेरिएंट की तुलना में तेजी से फैलता है, जहां कम्युनिटी ट्रांसमिशन का स्तर अधिक है। डेढ़ से तीन दिन में ओमीक्रॉन के मामले दोगुने हो रहे हैं।

डब्लूएचओ के इस बयान के बाद से दुनियाभर में ओमीक्रॉन को लेकर चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने शुक्रवार को ओमीक्रॉन (b.1.1.529) से निपटने की तैयारी को लेकर एक रिपोर्ट भी जारी की थी।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

परिसीमन आयोग ने जम्मू के लिए 6 और कश्मीर के लिए 1 सीट का प्रस्ताव रखा